मगरमच्छ ने बालक को दबोचा: 15 मिनट तक चली खींचतान, हालत गंभीर; ग्रामीणों ने ऐसे बचाई जान
Sonbhadra News: सोनभद्र के मूर्तियां गांव में मवेशियों को पानी पिलाने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में सनसन फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों को काफी मशक्कत के बाद 11 साल के बालक को बचाया गया। फिलहाल, उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
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मूर्तियां ग्राम पंचायत के उभ्भा गांव निवासी लवकुश गोंड (11) पुत्र चंद्रेश गोंड बृहस्पतिवार को मूर्तियां बंधी में मवेशियों को पानी पिलाने के लिए गया था। वह बंधी के किनारे खड़ा था। इसी दौरान एक मगरमच्छ ने लवकुश का बायां हाथ जबड़े में जकड़ लिया।
मगरमच्छ उसे पानी में खींचने लगा। आवाज सुनकर चरवाहे पहुंचे। वहां पड़े प्लास्टिक के एक पाइप को लवकुश के दाएं हाथ में पकड़ाकर उसे खींचने लगे। इसी बीच आसपास के ग्रामीण पहुंचे और बंधी में उतरकर लाठियों से मगरमच्छ को पीट कर लवकुश को मुक्त कराया।
इस दौरान करीब 15 मिनट तक लवकुश मगरमच्छ से जूझता रहा। लवकुश को घोरावल सीएचसी से डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक, लवकुश के बाएं हाथ की हड्डी टूट गई है। पैर और पीठ में भी जख्म हुआ है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
15 जून को पेढ़ ग्राम पंचायत के भलुआ बंधी में मवेशी चरा रहा रमेश (12) मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। पड़वनिया गांव में संजू कोल (20), उभ्भा चौकी अंतर्गत मूर्तियां गांव में तालाब किनारे भैंस को पानी पिलाने गए मूर्तियां ग्राम पंचायत निवासी सुद्धन (50) की मगरमच्छ के हमले में मौत हुई है।
इसके अलावा तेंदुहार निवासी अमृतलाल यादव (45), बैजनाथ गांव निवासी सन्नू पाल (60), मूर्तियां निवासी सोनू सिंह गुर्जर (12), इमलीपोखर गांव निवासी गोविंद प्रसाद (30) घायल हुए हैं। बभनी गांव निवासी रामआसरे गोंड (22), बभनी में शिवकुमारी (45), मोहनी गांव निवासी कलिंदर (24), धरमौली गांव निवासी सुशील कुमार मौर्या (28) मगरमच्छ के हमले में जख्मी हो चुके हैं।