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दहेज हत्या में पति को उम्रकैद,15 हजार अर्थदंड
ब्यूरो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Thu, 19 May 2016 12:01 AM IST
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आत्महत्या
- फोटो : Bureau
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एडीजे एफटीसी रमेश चंद्र दिवाकर की अदालत ने दहेज हत्या के दोषी डब्बल यादव को उम्रकैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
चोपन थाना क्षेत्र के सलखन गांव निवासी राजाराम ने 16 जनवरी 2010 को थाने में दी तहरीर में अपनी बेटी कविता की शादी करगरा गांव निवासी भोला यादव के बेटे डब्बल यादव के साथ चार साल पूर्व होना बताया है। करीब दो साल पूर्व गौना होने पर जब बेटी अपनी ससुराल गई तो दहेज में बाइक और सोने की चैन की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। जानकारी होने पर अपने रिश्तेदारों के साथ दो बार कविता की ससुराल जाकर समझाया था। बावजूद इसके 20 दिसंबर 2009 को शाम करीब पांच बजे कविता को मारपीट कर उसका पति जला दिया। कविता को उसके ससुर भोला, जेठ गुड्डू और गांव-घर के लोग दवा-इलाज कराने ले गए जो जिला अस्पताल में जीवन और मृत्यु से जूझ रही है। 15 जनवरी को जिला अस्पताल में कविता ने डब्बल यादव के बारे में मारपीट कर जलाने की बात बताई। इसपर चोपन पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी और पर्याप्त सबूत पाए जाने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली की जांच की। दोषसिद्ध पाकर उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी बिंदू यादव ने की।
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चोपन थाना क्षेत्र के सलखन गांव निवासी राजाराम ने 16 जनवरी 2010 को थाने में दी तहरीर में अपनी बेटी कविता की शादी करगरा गांव निवासी भोला यादव के बेटे डब्बल यादव के साथ चार साल पूर्व होना बताया है। करीब दो साल पूर्व गौना होने पर जब बेटी अपनी ससुराल गई तो दहेज में बाइक और सोने की चैन की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। जानकारी होने पर अपने रिश्तेदारों के साथ दो बार कविता की ससुराल जाकर समझाया था। बावजूद इसके 20 दिसंबर 2009 को शाम करीब पांच बजे कविता को मारपीट कर उसका पति जला दिया। कविता को उसके ससुर भोला, जेठ गुड्डू और गांव-घर के लोग दवा-इलाज कराने ले गए जो जिला अस्पताल में जीवन और मृत्यु से जूझ रही है। 15 जनवरी को जिला अस्पताल में कविता ने डब्बल यादव के बारे में मारपीट कर जलाने की बात बताई। इसपर चोपन पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी और पर्याप्त सबूत पाए जाने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली की जांच की। दोषसिद्ध पाकर उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी बिंदू यादव ने की।
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