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छावनी में तब्दील रहा वन बहुआर गांव
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Wed, 22 Jun 2016 11:47 PM IST
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रायपुर थाना क्षेत्र के वन बहुआर गांव में तैनात पुलिस कर्मचारी।
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रायपुर थाना क्षेत्र के वनबहुआर के युवक की पुलिस कस्टडी में हुई मौत का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को ग्रामीणों ने प्राइवेट बैंक का शटर तोड़ने का प्रयास किया। वहीं बाइक, पिकअप और ट्रैक्टर को क्षतिग्रस्त कर दिया। बवाल को देखते हुए बुधवार को गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इस मामले मंे एसपी ने सरईगढ़ पुलिस चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिस कर्मियों को संस्पेंड कर दिया।
मंगलवार की रात एक बजे तक फोर्स की मौजूदगी में युवक का दाह संस्कार हुआ। पोस्टमार्टम में युवक की पिटाई से मौत से बात सामने नहीं आई है। लेकिन युवक मनोज यादव की मौत के मामले में एसपी लल्लन सिंह ने सरईगढ़ पुलिस चौकी इंचार्ज समेत तीन लोगों को सस्पेंड कर दिया है। बुधवार को गांव में बवाल की जानकारी होते ही जिले के अलावा मिर्जापुर और भदोही के कई थानों की फोर्स पीएसी के साथ मौके पर पहुंची और गांव छावनी में बदल गया। बता दें कि मंगलवार की भोर में आंध्र प्रदेश से पुलिस मनोज और उसकी प्रेमिका को लेकर सरईगढ़ चौकी पहुंची। दोपहर में पुलिस की कस्टडी मेें मनोज की मौत हो गई।
इसकी खबर मिलते ही मृतक के परिवार वालों के साथ ग्रामीणों ने वैनी में चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि सरईगढ़ चौकी इंचार्ज, कुछ कांस्टेबलों और लड़की के घरवालों ने पीटकर हत्या की है, इसलिए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। शाम करीब सवा छह बजे एएसपी नक्सल अवधेश सिंह ने दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। रायपुर थाने मेें देर रात मृतक के पिता बचऊ यादव की तहरीर पर सरईगढ़ चौकी इंचार्ज मो. आरून रशीद अहमद, कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह, नवलेश पांडेय, लड़की के पिता परमपाल, दीपक, नीरज, छोटन, गोविंद व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या समेत अन्य धारा में केस दर्ज हुआ। थाने से ग्रामीण वन बहुआर पहुंचे तो परमपाल के घर में स्थित बैंक के शटर को तोड़ने का प्रयास किया। इसके अलावा बाइक, पिकप और ट्रैक्टर को क्षतिग्रस्त कर दिया।
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इसकी जानकारी होने पर एसपी के निर्देश पर एएसपी अवधेश सिंह, रायपुर, पन्नूगंज, मांची, जुगैल, हाथीनाला थाने के अलावा मिर्जापुर जिले के अदलहाट, अहरौरा, जमामलपुर, मड़िहान थाने और भदोही जिले के कई थाने की फोर्स गांव में पहुंच गई। उधर जिला अस्पताल में रात करीब 11 बजे शव का पीएम हुआ। इसके बाद फोर्स के साथ एएसपी शंभूशरण यादव और सीटी सीओ सच्चिदानंद शव को लेकर वन बहुआर पहुंचे। रात करीब एक बजे गांव में स्थित श्मशान पर शव का दाह संस्कार हुआ।
दूसरे दिन बुधवार को भी गांव में पुलिस डटी रही। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह का कहना है कि डॉ. पीबी गौतम, डॉ. दयाशंकर और डॉ. राकेश चौधरी ने शव का पीएम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर जख्म के एक भी निशान नहीं मिले है। कहा कि विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है। उन्होंने बताया कि चौकी इंचार्ज और दोनों सिपाहियों ने युवक की तबीयत खराब होने पर उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। इसलिए उन्हें संस्पेंड कर दिया गया है।
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मंगलवार की रात एक बजे तक फोर्स की मौजूदगी में युवक का दाह संस्कार हुआ। पोस्टमार्टम में युवक की पिटाई से मौत से बात सामने नहीं आई है। लेकिन युवक मनोज यादव की मौत के मामले में एसपी लल्लन सिंह ने सरईगढ़ पुलिस चौकी इंचार्ज समेत तीन लोगों को सस्पेंड कर दिया है। बुधवार को गांव में बवाल की जानकारी होते ही जिले के अलावा मिर्जापुर और भदोही के कई थानों की फोर्स पीएसी के साथ मौके पर पहुंची और गांव छावनी में बदल गया। बता दें कि मंगलवार की भोर में आंध्र प्रदेश से पुलिस मनोज और उसकी प्रेमिका को लेकर सरईगढ़ चौकी पहुंची। दोपहर में पुलिस की कस्टडी मेें मनोज की मौत हो गई।
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इसकी खबर मिलते ही मृतक के परिवार वालों के साथ ग्रामीणों ने वैनी में चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि सरईगढ़ चौकी इंचार्ज, कुछ कांस्टेबलों और लड़की के घरवालों ने पीटकर हत्या की है, इसलिए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। शाम करीब सवा छह बजे एएसपी नक्सल अवधेश सिंह ने दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। रायपुर थाने मेें देर रात मृतक के पिता बचऊ यादव की तहरीर पर सरईगढ़ चौकी इंचार्ज मो. आरून रशीद अहमद, कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह, नवलेश पांडेय, लड़की के पिता परमपाल, दीपक, नीरज, छोटन, गोविंद व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या समेत अन्य धारा में केस दर्ज हुआ। थाने से ग्रामीण वन बहुआर पहुंचे तो परमपाल के घर में स्थित बैंक के शटर को तोड़ने का प्रयास किया। इसके अलावा बाइक, पिकप और ट्रैक्टर को क्षतिग्रस्त कर दिया।
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इसकी जानकारी होने पर एसपी के निर्देश पर एएसपी अवधेश सिंह, रायपुर, पन्नूगंज, मांची, जुगैल, हाथीनाला थाने के अलावा मिर्जापुर जिले के अदलहाट, अहरौरा, जमामलपुर, मड़िहान थाने और भदोही जिले के कई थाने की फोर्स गांव में पहुंच गई। उधर जिला अस्पताल में रात करीब 11 बजे शव का पीएम हुआ। इसके बाद फोर्स के साथ एएसपी शंभूशरण यादव और सीटी सीओ सच्चिदानंद शव को लेकर वन बहुआर पहुंचे। रात करीब एक बजे गांव में स्थित श्मशान पर शव का दाह संस्कार हुआ।
दूसरे दिन बुधवार को भी गांव में पुलिस डटी रही। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह का कहना है कि डॉ. पीबी गौतम, डॉ. दयाशंकर और डॉ. राकेश चौधरी ने शव का पीएम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर जख्म के एक भी निशान नहीं मिले है। कहा कि विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है। उन्होंने बताया कि चौकी इंचार्ज और दोनों सिपाहियों ने युवक की तबीयत खराब होने पर उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। इसलिए उन्हें संस्पेंड कर दिया गया है।