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पचार में लापरवाही से दुधमुही बच्ची की मौत, हंगामा
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:57 PM IST
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अनपरा। बीना चौकी परिक्षेत्र स्थित ग्राम चंदुआर में मंगलवार की प्रात: एक झोलाछाप चिकित्सक की लापरवाही से बालिका की जान चली गयी। इससे नाराज होकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया।
चंदुआर निवासी रामनरेश अपनी 11 माह की पुत्री उर्मिला का इलाज कराने के लिए कोहरौल बाजार के एक तथाकथित झोलाछाप चिकित्सक के यहां गया था। बताया जाता है कि उक्त चिकित्सक ने जैसे ही उर्मिला को इंजेक्शन लगाया उसकी तबीयत और खराब होने लगी और देखते ही देखते उर्मिला ने दम तोड़ दिया। इससे परिजन व आसपास के ग्रामीण उग्र हो गए तथा चिकित्सक को गाली-गलौज कर हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंचे बीना चौकी इंचार्ज ने मामले की नाजकत को देखते हुए लोगों को समझा बुझाकर उर्मिला को नेहरू चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अंत्य परीक्षण के लिए भेजवाया। इस दौरान नागरिकों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ऊर्जांचल में झोलाछाप चिकित्सक इलाज के नाम पर जहां लोगों का शोषण कर रहे है वहीं इनकी गलती का खामियाजा नागरिक भुगत रहे है। दर्जनों की संख्या में ऊर्जांचल मे कार्यरत झोलाछाप चिकित्सकों के प्रति स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य सुविधा को लेकर आज भी ऊर्जांचल आदिम युग में है। पढ़े लिखे लोग तो इस बात को समझ जा रहे परन्तु जो शिक्षा से वंचित लोग गांव-गिरांव के हैं वह आज भी इन लोगों के चक्कर में फंसकर अपनी जान गंवा रहे हैं। ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई न होने से इनका मनोबल बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य महकमा ऐसे चिकित्सकों की डिग्री और न ही उनकी दुकानों की जांच करता है जिससे आज भी लोग इन झोलाछाप तथा कथित चिकित्सकों के चक्कर मे फंस रहे हैं। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए ऊर्जांचल में कार्यरत ऐसे चिकित्सकों को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की है।
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चंदुआर निवासी रामनरेश अपनी 11 माह की पुत्री उर्मिला का इलाज कराने के लिए कोहरौल बाजार के एक तथाकथित झोलाछाप चिकित्सक के यहां गया था। बताया जाता है कि उक्त चिकित्सक ने जैसे ही उर्मिला को इंजेक्शन लगाया उसकी तबीयत और खराब होने लगी और देखते ही देखते उर्मिला ने दम तोड़ दिया। इससे परिजन व आसपास के ग्रामीण उग्र हो गए तथा चिकित्सक को गाली-गलौज कर हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंचे बीना चौकी इंचार्ज ने मामले की नाजकत को देखते हुए लोगों को समझा बुझाकर उर्मिला को नेहरू चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अंत्य परीक्षण के लिए भेजवाया। इस दौरान नागरिकों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ऊर्जांचल में झोलाछाप चिकित्सक इलाज के नाम पर जहां लोगों का शोषण कर रहे है वहीं इनकी गलती का खामियाजा नागरिक भुगत रहे है। दर्जनों की संख्या में ऊर्जांचल मे कार्यरत झोलाछाप चिकित्सकों के प्रति स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य सुविधा को लेकर आज भी ऊर्जांचल आदिम युग में है। पढ़े लिखे लोग तो इस बात को समझ जा रहे परन्तु जो शिक्षा से वंचित लोग गांव-गिरांव के हैं वह आज भी इन लोगों के चक्कर में फंसकर अपनी जान गंवा रहे हैं। ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई न होने से इनका मनोबल बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य महकमा ऐसे चिकित्सकों की डिग्री और न ही उनकी दुकानों की जांच करता है जिससे आज भी लोग इन झोलाछाप तथा कथित चिकित्सकों के चक्कर मे फंस रहे हैं। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए ऊर्जांचल में कार्यरत ऐसे चिकित्सकों को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की है।
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