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चार घंटे जाम रहा खडिय़ा का हाल रोड़
Updated Mon, 12 Mar 2018 12:32 AM IST
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शक्तिनगर। छोटे रास्ते पर बड़े कोयला लोड वाहन गुजारने एवं गांव के पास के रास्ते पर पानी का छिड़काव नहीं कराए जाने से रविवार को ग्रामीणों
का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने खड़िया कोल प्रोजेक्ट का हाल रोड़ जाम कर दिया। इससे परियोजना के अंदरूनी हिस्से में छोटे- बड़े वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं पुनर्वास गांव चिल्काटांड के रहवासी रंजीत कुशवाहा के अगुवाई में एकत्रित हुए ग्रामीणों का आरोप था कि गांव के पास से गुजरे कोल प्रोजेक्ट के हाल रोड (बड़े डंपरों का मार्ग) के समानांतर बनाए गए छोटे वाहनों के रास्ते पर कोयला से भरे बड़े वाहनों के गुजारे जाने से पैदा धूल ने जीना मुहाल कर दिया है। ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व में हुए समझौते के मुताबिक सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किए जाने से प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। हाल रोड जाम होने एवं कोल परिवहन प्रभावित होने की सूचना पर प्रबंधन के अधिकारियों में खलबली मच गई। सूचना पर पुलिस के साथ प्रबंधन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और आश्वासन देकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनी। ग्रामीणों का कहना था कि प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद ही वह सड़क से हटेंगे। इसके बाद कोल प्रोजेक्ट के वरिय प्रबंधक (खनन) सईद गौरी ने लिखित रूप से आश्वस्त किया कि तत्काल छोटे वाहनों के रास्ते से बड़े वाहनों का संचालन बंद किया जाता है। तब करीब चार घंटे बाद लोग सड़क से हटे। इस मौके पर संजय कुश वाहा, राजेंद्र, पप्पू गिरि समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने खड़िया कोल प्रोजेक्ट का हाल रोड़ जाम कर दिया। इससे परियोजना के अंदरूनी हिस्से में छोटे- बड़े वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं पुनर्वास गांव चिल्काटांड के रहवासी रंजीत कुशवाहा के अगुवाई में एकत्रित हुए ग्रामीणों का आरोप था कि गांव के पास से गुजरे कोल प्रोजेक्ट के हाल रोड (बड़े डंपरों का मार्ग) के समानांतर बनाए गए छोटे वाहनों के रास्ते पर कोयला से भरे बड़े वाहनों के गुजारे जाने से पैदा धूल ने जीना मुहाल कर दिया है। ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व में हुए समझौते के मुताबिक सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किए जाने से प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। हाल रोड जाम होने एवं कोल परिवहन प्रभावित होने की सूचना पर प्रबंधन के अधिकारियों में खलबली मच गई। सूचना पर पुलिस के साथ प्रबंधन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और आश्वासन देकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनी। ग्रामीणों का कहना था कि प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद ही वह सड़क से हटेंगे। इसके बाद कोल प्रोजेक्ट के वरिय प्रबंधक (खनन) सईद गौरी ने लिखित रूप से आश्वस्त किया कि तत्काल छोटे वाहनों के रास्ते से बड़े वाहनों का संचालन बंद किया जाता है। तब करीब चार घंटे बाद लोग सड़क से हटे। इस मौके पर संजय कुश वाहा, राजेंद्र, पप्पू गिरि समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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