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ट्रेन की चपेट में आने से पशुपालक की मौत
Updated Sun, 27 May 2018 12:24 AM IST
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केकराही। कोतवाली क्षेत्र के महुलिया गांव में शनिवार को ट्रेन की चपेट में आने से पशुपालक रामवृक्ष यादव (65) की मौत हो गई। मृतक के रिश्तेदारों ने पुलिस को शव ले जाने से रोक दिया। कोतवाल ने ग्रामीणों को समझा कर शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा।
राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मदार गांव निवासी बुधराम यादव के घर रह कर उनके साले चंदौली जिले के नौगढ़ थाना क्षेत्र के मझिगाई गांव निवासी रामवृक्ष यादव खुद की भैसों की देखरेख करते थे। शनिवार की सुबह पौने नौ बजे महुलिया में रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रामवृक्ष भैस चरा रहे थे। उसी वक्त वह चुनार की तरफ से चोपन की ओर जा रही त्रिवेणी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को अस्पताल ले जाने लगी तो कुछ लोगों ने यह कहते हुए रोक दिया कि मृतक के परिवार वाले के आने के बाद निर्णय लिया जाएगा कि शव का पीएम होगा या नहीं। हालांकि कोतवाल सुरेंद्र चंद्र मिश्रा ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने के साथ ही शव को पीएम के लिए भेजवा दिया। बुधराम यादव ने बताया कि उनका साला रामवृक्ष साल भर से अपनी भैसों को उनके पास लाकर चराता था।
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राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मदार गांव निवासी बुधराम यादव के घर रह कर उनके साले चंदौली जिले के नौगढ़ थाना क्षेत्र के मझिगाई गांव निवासी रामवृक्ष यादव खुद की भैसों की देखरेख करते थे। शनिवार की सुबह पौने नौ बजे महुलिया में रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रामवृक्ष भैस चरा रहे थे। उसी वक्त वह चुनार की तरफ से चोपन की ओर जा रही त्रिवेणी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को अस्पताल ले जाने लगी तो कुछ लोगों ने यह कहते हुए रोक दिया कि मृतक के परिवार वाले के आने के बाद निर्णय लिया जाएगा कि शव का पीएम होगा या नहीं। हालांकि कोतवाल सुरेंद्र चंद्र मिश्रा ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने के साथ ही शव को पीएम के लिए भेजवा दिया। बुधराम यादव ने बताया कि उनका साला रामवृक्ष साल भर से अपनी भैसों को उनके पास लाकर चराता था।
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