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संदिग्ध परिस्थितियों में विस्थपित की मौत
Updated Mon, 18 Jun 2018 12:20 AM IST
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दुद्धी। क्षेत्र के कोरची गांव में रविवार को बजे संदिग्ध हाल में कनहर सिंचाई परियोजना के विस्थापित सहदेव खरवार (55) की मौत हो गई। मृतक के घरवालों ने अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि सहदेव का प्रपत्र छह भरा जा चुका है। वह विस्थापन सूची में नाम जुड़वाने के लिए पिछले ढाई साल से तहसील एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को यहां चक्कर लगा रहा था, लेकिन अभी तक उसका नाम नहीं जुड़ा।
दोपहर करीब 12 बजे सहदेव खरवार जंगल से लकड़ी लेकर घर पहुंचा। सहदेव खाना खाने जा रहा था कि अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। घरवाले उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उसकी मौत हो गई। घरवालों ने कहा कि ढाई साल से सहदेव विस्थापन सूची में नाम शामिल कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहा था। लेकिन उसका नाम सूची में दर्ज नहीं किया गया है। एसडीएम विशाल यादव ने कहा कि सहदेव का विस्थापन सूची में नाम नहीं है। उसने प्रपत्र 6 भरकर नाम शामिल करने के लिए आवेदन किया था। मृतक कोरची गांव का निवासी है कि नहीं इसकी जांच कराई जाएगी। जांच सही पाए जाने पर मृतक के आश्रित पात्र व्यक्ति को पुनर्वास पैकेज की धनराशि दी जाएगी। 27 अप्रैल को विस्थापित भीसुर निवासिनी लखपतिया देवी और कोरची गांव निवासी 30 अप्रैल को मौत हो गई थी। विस्थापित नेता पंकज गौतम, इदरीश अंसारी और सत्यदेव यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि पुनर्वास पैकेज की आस लगाए अभी तक तीन विस्थापितों की मौत हो चुकी है। उन्होंने अविलंब जिन विस्थापितों को मुआवजा नहीं मिला है उन्हें देने की मांग की है।
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दोपहर करीब 12 बजे सहदेव खरवार जंगल से लकड़ी लेकर घर पहुंचा। सहदेव खाना खाने जा रहा था कि अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। घरवाले उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उसकी मौत हो गई। घरवालों ने कहा कि ढाई साल से सहदेव विस्थापन सूची में नाम शामिल कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहा था। लेकिन उसका नाम सूची में दर्ज नहीं किया गया है। एसडीएम विशाल यादव ने कहा कि सहदेव का विस्थापन सूची में नाम नहीं है। उसने प्रपत्र 6 भरकर नाम शामिल करने के लिए आवेदन किया था। मृतक कोरची गांव का निवासी है कि नहीं इसकी जांच कराई जाएगी। जांच सही पाए जाने पर मृतक के आश्रित पात्र व्यक्ति को पुनर्वास पैकेज की धनराशि दी जाएगी। 27 अप्रैल को विस्थापित भीसुर निवासिनी लखपतिया देवी और कोरची गांव निवासी 30 अप्रैल को मौत हो गई थी। विस्थापित नेता पंकज गौतम, इदरीश अंसारी और सत्यदेव यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि पुनर्वास पैकेज की आस लगाए अभी तक तीन विस्थापितों की मौत हो चुकी है। उन्होंने अविलंब जिन विस्थापितों को मुआवजा नहीं मिला है उन्हें देने की मांग की है।
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