फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   ट्रक हादसे में मरने वालों की संख्या छह पहुंची

ट्रक हादसे में मरने वालों की संख्या छह पहुंची

Wed, 19 Dec 2018 12:10 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Dec 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
ट्रक हादसे में मरने वालों की संख्या छह पहुंची
सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के मारकुंडी घाटी में हुए ट्रक हादसे में मारने वालों की संख्या छह तक पहुंच गई है। अज्ञात मृतकों की शिनाख्त फूलवा (45), राम सिंह (50) और रजमनिया (55) के रूप में हुई। मंगलवार को जिला अस्पताल में सदर तहसीलदार विकास पांडेय और दुद्धी तहसील के तहसीलदार शशिभूषण मिश्रा की देखरेख में शवों का पंचनामा हुआ। चार डॉक्टरों ने शवों का पोस्टमार्टम हुआ है। एंबुलेंस से सभी शवों को घर तक पहुंचाया गया।
विज्ञापन

बतादें कि मारकुंडी घाटी में सोमवार की शाम ट्रक पलट गया था। हादसे में चालक समेत 47 लोग घायल हो गए थे। हालांकि कुछ ही देर बाद मौके पर फरिपान गांव निवासी फूलकुंवर, पूजा, पतरिहा गांव निवासी कलावती और एक अज्ञात महिला की मौत हो गई थी। देर रात अज्ञात महिला की पहचान पतरिहा गांव निवासी रजमनिया के रूप में हुई। जिला अस्पताल में पतरिहा गांव निवासी घायल राम सिंह ने भी दम तोड़ दिया। वहीं ट्रामा सेंटर पहुंचने से पहले सांगोबांध निवासी फूलवा महिला की मौत हो गई। मंगलवार को जिला अस्पताल में पांचों शवों का पीएम हुआ। सदर एसडीएम शादाब असलम ने सीएमएस और सीएमओ से वार्ता कर शव वाहन से मृतकों को उनके घरों तक पहुंचवाने का इंतजाम किया। दुद्धी तहसीलदार शशि भूषण मिश्रा ने बताया कि पूजा का शव उसके पिता चंद्र नारायण, फूलझरिया का उसके पति राजकुमार, राम सिंह का उसके दामाद लाभजन सिंह, कलावती का उसके बेटे राम प्यारे, रजमनिया का उसके बेटे उमेश और वाराणसी में फूलवा के शव का पीएम करवा कर उसके बेटे सुरेश को सुपुर्द कर दिया गया। कहा कि सभी मृतकों के आश्रितों और घायलों को आर्थिक सहयोग के लिए पत्राचार किया जा रहा है। शासन और जिला प्रशासन के स्तर से जो बन सकेगा वह सहयोग किया जाएगा। सीएमएस डॉ. पीबी गौतम ने कहा कि भर्ती मरीजों में से अधिकांश की हालत ठीक है और दर्जन भर से अधिक अपने घर भी चले गए।
विज्ञापन

...
मारकुंडी में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो-तीन श्रमिकों के आश्रितों के पास दाह संस्कार के लिए रुपये नहीं थे। हालांकि मंगलवार को जिला अस्पताल में कुछ पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों ने आश्रितों की मदद की। लेकिन किसी राजनैतिक पार्टी के नेता या खुद को समाजसेवी कहने वाला व्यक्ति ने उनकी आर्थिक मदद करने के लिए नहीं पहुंचा। उधर फरिपान गांव में फूलकुंवर, पूजा, पतरिहा गांव में कलावती, रजमनिया, राम सिंह और सांगोबाध में फूलवा का शव पहुंचा तो कोहराम मच गया। देर रात तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं हुआ था। उधर जिला अस्पताल से बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर में 18 घायल रेफर किए गए थे। इनमें से घायल फूलवा की मौत हो गई। जबकि अभी भी ट्रामा सेंटर में कई घायल जिदंगी और मौत से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed