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ट्रक हादसे में मरने वालों की संख्या छह पहुंची
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सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के मारकुंडी घाटी में हुए ट्रक हादसे में मारने वालों की संख्या छह तक पहुंच गई है। अज्ञात मृतकों की शिनाख्त फूलवा (45), राम सिंह (50) और रजमनिया (55) के रूप में हुई। मंगलवार को जिला अस्पताल में सदर तहसीलदार विकास पांडेय और दुद्धी तहसील के तहसीलदार शशिभूषण मिश्रा की देखरेख में शवों का पंचनामा हुआ। चार डॉक्टरों ने शवों का पोस्टमार्टम हुआ है। एंबुलेंस से सभी शवों को घर तक पहुंचाया गया।
बतादें कि मारकुंडी घाटी में सोमवार की शाम ट्रक पलट गया था। हादसे में चालक समेत 47 लोग घायल हो गए थे। हालांकि कुछ ही देर बाद मौके पर फरिपान गांव निवासी फूलकुंवर, पूजा, पतरिहा गांव निवासी कलावती और एक अज्ञात महिला की मौत हो गई थी। देर रात अज्ञात महिला की पहचान पतरिहा गांव निवासी रजमनिया के रूप में हुई। जिला अस्पताल में पतरिहा गांव निवासी घायल राम सिंह ने भी दम तोड़ दिया। वहीं ट्रामा सेंटर पहुंचने से पहले सांगोबांध निवासी फूलवा महिला की मौत हो गई। मंगलवार को जिला अस्पताल में पांचों शवों का पीएम हुआ। सदर एसडीएम शादाब असलम ने सीएमएस और सीएमओ से वार्ता कर शव वाहन से मृतकों को उनके घरों तक पहुंचवाने का इंतजाम किया। दुद्धी तहसीलदार शशि भूषण मिश्रा ने बताया कि पूजा का शव उसके पिता चंद्र नारायण, फूलझरिया का उसके पति राजकुमार, राम सिंह का उसके दामाद लाभजन सिंह, कलावती का उसके बेटे राम प्यारे, रजमनिया का उसके बेटे उमेश और वाराणसी में फूलवा के शव का पीएम करवा कर उसके बेटे सुरेश को सुपुर्द कर दिया गया। कहा कि सभी मृतकों के आश्रितों और घायलों को आर्थिक सहयोग के लिए पत्राचार किया जा रहा है। शासन और जिला प्रशासन के स्तर से जो बन सकेगा वह सहयोग किया जाएगा। सीएमएस डॉ. पीबी गौतम ने कहा कि भर्ती मरीजों में से अधिकांश की हालत ठीक है और दर्जन भर से अधिक अपने घर भी चले गए।
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मारकुंडी में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो-तीन श्रमिकों के आश्रितों के पास दाह संस्कार के लिए रुपये नहीं थे। हालांकि मंगलवार को जिला अस्पताल में कुछ पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों ने आश्रितों की मदद की। लेकिन किसी राजनैतिक पार्टी के नेता या खुद को समाजसेवी कहने वाला व्यक्ति ने उनकी आर्थिक मदद करने के लिए नहीं पहुंचा। उधर फरिपान गांव में फूलकुंवर, पूजा, पतरिहा गांव में कलावती, रजमनिया, राम सिंह और सांगोबाध में फूलवा का शव पहुंचा तो कोहराम मच गया। देर रात तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं हुआ था। उधर जिला अस्पताल से बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर में 18 घायल रेफर किए गए थे। इनमें से घायल फूलवा की मौत हो गई। जबकि अभी भी ट्रामा सेंटर में कई घायल जिदंगी और मौत से जूझ रहे हैं।
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बतादें कि मारकुंडी घाटी में सोमवार की शाम ट्रक पलट गया था। हादसे में चालक समेत 47 लोग घायल हो गए थे। हालांकि कुछ ही देर बाद मौके पर फरिपान गांव निवासी फूलकुंवर, पूजा, पतरिहा गांव निवासी कलावती और एक अज्ञात महिला की मौत हो गई थी। देर रात अज्ञात महिला की पहचान पतरिहा गांव निवासी रजमनिया के रूप में हुई। जिला अस्पताल में पतरिहा गांव निवासी घायल राम सिंह ने भी दम तोड़ दिया। वहीं ट्रामा सेंटर पहुंचने से पहले सांगोबांध निवासी फूलवा महिला की मौत हो गई। मंगलवार को जिला अस्पताल में पांचों शवों का पीएम हुआ। सदर एसडीएम शादाब असलम ने सीएमएस और सीएमओ से वार्ता कर शव वाहन से मृतकों को उनके घरों तक पहुंचवाने का इंतजाम किया। दुद्धी तहसीलदार शशि भूषण मिश्रा ने बताया कि पूजा का शव उसके पिता चंद्र नारायण, फूलझरिया का उसके पति राजकुमार, राम सिंह का उसके दामाद लाभजन सिंह, कलावती का उसके बेटे राम प्यारे, रजमनिया का उसके बेटे उमेश और वाराणसी में फूलवा के शव का पीएम करवा कर उसके बेटे सुरेश को सुपुर्द कर दिया गया। कहा कि सभी मृतकों के आश्रितों और घायलों को आर्थिक सहयोग के लिए पत्राचार किया जा रहा है। शासन और जिला प्रशासन के स्तर से जो बन सकेगा वह सहयोग किया जाएगा। सीएमएस डॉ. पीबी गौतम ने कहा कि भर्ती मरीजों में से अधिकांश की हालत ठीक है और दर्जन भर से अधिक अपने घर भी चले गए।
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मारकुंडी में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो-तीन श्रमिकों के आश्रितों के पास दाह संस्कार के लिए रुपये नहीं थे। हालांकि मंगलवार को जिला अस्पताल में कुछ पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों ने आश्रितों की मदद की। लेकिन किसी राजनैतिक पार्टी के नेता या खुद को समाजसेवी कहने वाला व्यक्ति ने उनकी आर्थिक मदद करने के लिए नहीं पहुंचा। उधर फरिपान गांव में फूलकुंवर, पूजा, पतरिहा गांव में कलावती, रजमनिया, राम सिंह और सांगोबाध में फूलवा का शव पहुंचा तो कोहराम मच गया। देर रात तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं हुआ था। उधर जिला अस्पताल से बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर में 18 घायल रेफर किए गए थे। इनमें से घायल फूलवा की मौत हो गई। जबकि अभी भी ट्रामा सेंटर में कई घायल जिदंगी और मौत से जूझ रहे हैं।
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