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एडीओ पंचायत, सेक्रेटरी और प्रधान पर मुकदमा
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सोनभद्र। करमा थाने में सोमवार को भरूहा के प्रधान, सेक्रेटरी एवं सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। कोर्ट के आदेश पर यदुनंदन तिवारी की तहरीर पर यह कार्रवाई हुई। अभियुक्तगणों पर शौचालयों के निर्माण में गडबड़ी कर सरकारी धन हजम करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक करमा थाना क्षेत्र के भरूहा गांव निवासी वादी यदुनंदन का आरोप है कि उसके ग्राम पंचायत भरूहा में ग्राम प्रधान द्वारा वर्ष 2016 में सरकारी मदद से बनने वाले 230 शौचालयों में धांधली बरती गई है। कई शौचालय मौके पर बने नहीं है या अर्धनिर्मित अवस्था में है। सारे शौचालयों के निर्माण में मानक के अनुरूप कार्य नहीं हुआ है। उक्त निर्माण में घटिया ईट एवं भस्सी से जोड़ाई की गयी तथा छत घटिया पटिया लगाकर पूरा किया गया। किंतु ग्राम प्रधान द्वारा उक्त शौचालयों का पूरा भुगतान करा लिया गया है। उक्त प्रकरण मेें सेक्रेटरी एवं सहायक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सक्रिय भूमिका रही है। उक्त लोगों द्वारा शौचालय निर्माण में फर्जी बिल और बाउचर प्रस्तुत किए गए। सेक्रेटरी और एडीओ पंचायत द्वारा एक साजिश के तहत एक फर्जी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर लाखों रुपये के सरकारी धन का बंदरबाट अपने निजी हित में किया गया है। पुलिस ने बताया कि ग्राम प्रधान रामललित, सेके्रटरी राहुल सिंह और सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी अजय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक करमा थाना क्षेत्र के भरूहा गांव निवासी वादी यदुनंदन का आरोप है कि उसके ग्राम पंचायत भरूहा में ग्राम प्रधान द्वारा वर्ष 2016 में सरकारी मदद से बनने वाले 230 शौचालयों में धांधली बरती गई है। कई शौचालय मौके पर बने नहीं है या अर्धनिर्मित अवस्था में है। सारे शौचालयों के निर्माण में मानक के अनुरूप कार्य नहीं हुआ है। उक्त निर्माण में घटिया ईट एवं भस्सी से जोड़ाई की गयी तथा छत घटिया पटिया लगाकर पूरा किया गया। किंतु ग्राम प्रधान द्वारा उक्त शौचालयों का पूरा भुगतान करा लिया गया है। उक्त प्रकरण मेें सेक्रेटरी एवं सहायक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सक्रिय भूमिका रही है। उक्त लोगों द्वारा शौचालय निर्माण में फर्जी बिल और बाउचर प्रस्तुत किए गए। सेक्रेटरी और एडीओ पंचायत द्वारा एक साजिश के तहत एक फर्जी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर लाखों रुपये के सरकारी धन का बंदरबाट अपने निजी हित में किया गया है। पुलिस ने बताया कि ग्राम प्रधान रामललित, सेके्रटरी राहुल सिंह और सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी अजय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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