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वन दरोगा, पेशकार पर लगाया पिटाई का आरोप
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खलियारी। मांची वन रेंज में तैनात फारेस्ट गार्ड मोहन मौर्या ने विभाग के ही वन दरोगा व पेशकार पर पिटाई करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि दो सौ कुंतल महुआ के फूल की रिपोर्ट लगाने को लेकर दोनों उन पर दबाव बना रहे थे। बात न मानने पर उन्होंने पिटाई कर दी। उसने रायपुर थाने में इसकी तहरीर दी है। लेकिन फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। उधर डीएफओ संजीव कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मांची वन रेंज में तैनात फारेस्ट गार्ड मोहन मौर्या ने बताया कि मड़पा गांव में एक व्यक्ति के दो सौ कुुंतल महुआ के फूल के परमिट के आवेदन का सत्यापन उन्होंने किया था। मौके पर एक भी बोरी महुआ का फूल नहीं मिला था। लेकिन पेशकार और एक वन दरोगा उस पर दो सौ कुंतल महुआ के फूल की फर्जी रिपोर्ट लगाने का दबाव बना रहे थे। विरोध करने पर दोनों ने उनकी पिटाई कर दी। उधर थाना पुलिस का कहना है कि फारेस्ट गार्ड आवेदन पत्र लेकर आया था, लेकिन उन्हें उनके अधिकारी ने बुला लिया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। उधर सोनभद्र के डीएफओ संजीव कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी है। उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाया है। दोनों पक्ष एक ही कैंपस में रहते हैं और उनके बीच पहले से ही आपसी मनमुटाव है। इसलिए प्रथम दृष्टया मारपीट की घटना झूठी प्रतीत हो रही है। फिर भी लगाए गए आरोपों की जांच होगी। यदि आरोप सही मिले तो विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
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मांची वन रेंज में तैनात फारेस्ट गार्ड मोहन मौर्या ने बताया कि मड़पा गांव में एक व्यक्ति के दो सौ कुुंतल महुआ के फूल के परमिट के आवेदन का सत्यापन उन्होंने किया था। मौके पर एक भी बोरी महुआ का फूल नहीं मिला था। लेकिन पेशकार और एक वन दरोगा उस पर दो सौ कुंतल महुआ के फूल की फर्जी रिपोर्ट लगाने का दबाव बना रहे थे। विरोध करने पर दोनों ने उनकी पिटाई कर दी। उधर थाना पुलिस का कहना है कि फारेस्ट गार्ड आवेदन पत्र लेकर आया था, लेकिन उन्हें उनके अधिकारी ने बुला लिया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। उधर सोनभद्र के डीएफओ संजीव कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी है। उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाया है। दोनों पक्ष एक ही कैंपस में रहते हैं और उनके बीच पहले से ही आपसी मनमुटाव है। इसलिए प्रथम दृष्टया मारपीट की घटना झूठी प्रतीत हो रही है। फिर भी लगाए गए आरोपों की जांच होगी। यदि आरोप सही मिले तो विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
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