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Noida News: बिल जमा करने से लेकर पॉलिसी का पैसा निकालने तक, ठगों ने ऐंठ लिए 18 लाख
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- दोनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस कर रही जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने अलग-अलग तरीके से दो लोगों से 18 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।सेक्टर-50 निवासी सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी ने पुलिस से शिकायत की है कि उनका और उनकी पत्नी का बैंक में संयुक्त खाता है। कुछ दिन पहले उनके पास आईजीएल बिल से संबंधित संदेश आया। इसमें दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने एपीके फाइल डाउनलोड कर ली। 31 जुलाई को बैंक खाते का स्टेटमेंट देखने पर उन्हें खाते से 12 अलग-अलग लेनदेन के जरिये 10 लाख रुपये निकाले जाने की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
वहीं एक अन्य मामले में जेवर निवासी शख्स नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने करीब आठ वर्ष पहले पीएनबी मेटलाइफ की इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी, जो वर्तमान में बंद थी। 20 अप्रैल को एक व्यक्ति ने खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताकर उन्हें फोन किया। पॉलिसी का पैसा निकालने का झांसा देकर पहले इसे दोबारा चालू कराने के नाम पर चार लाख रुपये जमा कराये। इसके बाद टैक्स के नाम पर फिर चार लाख रुपये ले लिए। रकम भेजने के बाद फोन बंद हो गया। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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नोएडा। साइबर जालसाजों ने अलग-अलग तरीके से दो लोगों से 18 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।सेक्टर-50 निवासी सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी ने पुलिस से शिकायत की है कि उनका और उनकी पत्नी का बैंक में संयुक्त खाता है। कुछ दिन पहले उनके पास आईजीएल बिल से संबंधित संदेश आया। इसमें दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने एपीके फाइल डाउनलोड कर ली। 31 जुलाई को बैंक खाते का स्टेटमेंट देखने पर उन्हें खाते से 12 अलग-अलग लेनदेन के जरिये 10 लाख रुपये निकाले जाने की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
वहीं एक अन्य मामले में जेवर निवासी शख्स नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने करीब आठ वर्ष पहले पीएनबी मेटलाइफ की इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी, जो वर्तमान में बंद थी। 20 अप्रैल को एक व्यक्ति ने खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताकर उन्हें फोन किया। पॉलिसी का पैसा निकालने का झांसा देकर पहले इसे दोबारा चालू कराने के नाम पर चार लाख रुपये जमा कराये। इसके बाद टैक्स के नाम पर फिर चार लाख रुपये ले लिए। रकम भेजने के बाद फोन बंद हो गया। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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