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सोनभद्रः किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष की कैद, 40 हजार रुपये का अर्थदंड, 2017 में दर्ज हुआ था केस

Tue, 14 Sep 2021 09:07 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 14 Sep 2021 09:07 PM IST
सार

 पीड़िता के पिता ने छह दिसंबर 2017 को थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को बभनी थाना क्षेत्र के चपकी गांव निवासी उमेश पुत्र राम प्रताप ने 21 नवंबर 2017 की बहला फुसलाकर भगा ले गया।

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Court sentenced 10 years imprisonment to guilty of rape with minor girl in sonebhhadra and  fine of 40 thousand rupees  case registered in 2017
अर्थदंड न देने पर नौ माह की अतिरिक्त कैद - फोटो : फाइल

विस्तार

यूपी के सोनभद्र जिले के एक गांव में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर नौ माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को मिलेगी।

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अभियोजन पक्ष के मुताबिक,  पीड़िता के पिता ने छह दिसंबर 2017 को थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को बभनी थाना क्षेत्र के चपकी गांव निवासी उमेश पुत्र राम प्रताप ने 21 नवंबर 2017 की बहला फुसलाकर भगा ले गया।
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इस तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इसी मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी उमेश को 10 वर्ष की कैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर नौ माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता दिनेश अग्रहरि व सत्यप्रकाश त्रिपाठी एडवोकेट ने बहस की।

अब रविवार को हथियार चलाना सीखेंगे पुलिसकर्मी

सीओ के निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों के असलहा चलाने में विफल होने पर किरकिरी के बाद एसपी ने अब हर रविवार को असलहा प्रशिक्षण कराने की व्यवस्था की है। आरक्षी से लेकर इंस्पेक्टर तक इस दिन असलहा खोलने, बंद करने और चलाने की ट्रेनिंग लेंगे। इसकी जिम्मेदारी सीओ को सौंपी गई है।

मंगलवार को कोतवाली के निरीक्षण पर पहुंचे एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पुलिस में भर्ती हो रहे जवान छह माह की ट्रेनिंग कर रहे हैं, जबकि पूर्व में नौ माह की ट्रेनिंग करते थे। हथियार चलाने में दक्षता के लिए बराबर प्रशिक्षण होना चाहिए।

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अब प्रत्येक रविवार को पुलिस के जवानों को असलहे को खोलने, बंद करने और चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए सीओ रामाशीष यादव को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि दुद्धी में जल्द परिवार परामर्श केंद्र की स्थापना होगी, जहां घरेलू झगड़ों का निपटारा किया जाएगा। एसपी ने कहा कि अमवार पुलिस चौकी का क्षेत्र दुरूह क्षेत्र है, यह इलाका छत्तीसगढ़ व झारखंड की सीमा से लगता है। यहां जल्द जीप मुहैया कराई जाएगी। 
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