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UP News: अधिकारियों से परेशान ठेकेदार ने खाया विषाक्त पदार्थ, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

Wed, 12 Apr 2023 09:41 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 12 Apr 2023 09:41 PM IST
सार

सोनभद्र के लोक निर्माण विभाग के  एक ठेकेदार ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। ठेकेदार ने एक सुसाइड नोट लिखा। जिसमें पीड़ित ने सोनभद्र जिले के लोनिवि के अधिकारियों पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं।

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contractor attempt suicide by poison due to Troubled by officers in sonbhadra
सांकेतिक - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सोनभद्र के लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिकारियों से परेशान होकर एक ठेकेदार ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। आननफानन परिजनों ने शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत गंभीर बनी हुई है। ठेकेदार के बेटे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है।

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नोनहरा थाना क्षेत्र के बवाड़े निवासी और लोनिवि के ठेकेदार श्रीप्रकाश सिंह (55) ने मंगलवार को सोनभद्र जिले के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के रवैये से परेशान होकर विषाक्त पदार्थ खा लिया। इससे पहले ठेकेदार ने एक सुसाइड नोट लिखा। जिसमें पीड़ित ने सोनभद्र जिले के लोनिवि के अधिकारियों पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं।
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ठेकेदार के पुत्र विकास सिंह ने मामले में पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र दिया है। जिसमें आरोप लगाया कि सोनभद्र जिले के लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता चंद्रप्रकाश, वर्तमान सहायक अभियंता टीपी सिंह एवं वर्तमान अवर अभियंता धनुलाल ने मेरे पिता का मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न किया है। जिसकी वजह से पिता ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।

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विकास ने बताया कि उनके पिता ने करीब 35 लाख रुपये के कार्य कराए हैं। जिसके भुगतान को लेकर मानसिक, आर्थिक तरीके से शोषण किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख न्याय की गुहार लगाई है। वहीं गाजीपुर एसपी को पत्र लिखकर अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

ठेकेदार के भुगतान पर लगाई रोक, एक्सईएन से जवाब तलब

डीएम चंद्र विजय सिंह ने बुधवार को उरमौरा स्थित बालगृह बालक का निरीक्षण किया। बच्चों की देखभाल, भोजन सहित अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बाल गृह जाने वाले संपर्क मार्ग की गुणवत्ता भी जांची। सीसी रोड की गुणवत्ता ठीक न होने पर आरईडी के एक्सईएन को जांच का निर्देश दिया। बालगृह के प्रभारी ने डीएम को बताया कि वर्तमान समय में बाल गृह में कुल 13 बच्चे हैं, जो अपने घर का सही पता नहीं बता पा रहे हैं। जैसे ही इन बच्चों का स्थाई पता मिल जायेगा, उन्हें सुरक्षित घर पहुंचा दिया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने बालकों के कमरों में जाकर उनसे सीधा संवाद किया।

उन्हें दिए जा रहे नाश्ता, भोजन व अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता के बारे में पूछताछ की। प्रभारी को निर्देशित किया कि इन बालकों के घर का पता करते रहें, ताकि उन्हें सकुशल परिजनों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर तरीके से सुनिश्चित कराने और बालकों को निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की हिदायत दी। इसके बाद डीएम ने बाल गृह बालक को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का आकस्मिक निरीक्षण किया। निर्माणाधीन सीसी रोड के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता ठीक नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जांच के लिए एक्सईएन आरईडी को नामित किया। संबंन्धित निर्माण एजेंसी के ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने और इस संबंध में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के एक्सईएन से स्पष्टीकरण भी तलब किया।

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