UP News: सीओ कानपुर नगर को 50 रुपये अर्थदंड की सजा, साढ़े 14 वर्ष पुराने हत्याकांड मामले में कोर्ट का आदेश
सोनभद्र जिले में साढ़े 14 वर्ष पूर्व कुल्हाड़ी से काटकर एक व्यक्ति की हत्या हुई थी। मामले की विवेचना तत्कालीन पन्नूगंज एसओ और वर्तमान में सीओ कानपुर नगर ने की। मामले में साक्ष्य के लिए बार-बार बुलाने के बावजूद वो कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
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यूपी के सोनभद्र जिले में साढ़े 14 वर्ष पूर्व कुल्हाड़ी से काटकर हुई भोला की हत्या के मामले में साक्ष्य के लिए बार-बार बुलाने के बावजूद कोर्ट में हाजिर न होना कानपुर नगर के सीओ को भारी पड़ा है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्जमा की अदालत ने उन्हें 50 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की धनराशि की कटौती सीओ के वेतन से की जाएगी।
पन्नूगंज थाना क्षेत्र के ऊंची खुर्द गांव निवासी भोला की 11 सितंबर 2008 को कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी गई थी। इसकी सूचना थाने पर भोला के बेटे श्रीराम ने दी, जिसपर चार लोगों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन पन्नूगंज एसओ रहे अमरनाथ यादव (वर्तमान में सीओ कानपुर नगर) ने की।
कोर्ट ने जारी किया था एनबीडब्ल्यू
पर्याप्त सबूत मिलने पर आरोपी परमेश्वर, राजू, राजन व बिंदेश्वरी के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। इसी मामले में साक्ष्य के लिए कोर्ट की ओर से बार-बार बुलाया जा रहा, लेकिन वे नहीं आए। कोर्ट ने गैर जमानतीय वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया फिर भी नहीं आए। उसके बाद धारा 350 सीआरपीसी की नोटिस भी भेजा गया।
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तामिला होने के बावजूद भी वे नहीं आए। इस पर कोर्ट ने अलग से सीओ कानपुर नगर के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कराया, लेकिन वे सफाई देने के लिए भी नहीं आए। सुनवाई करते हुए अदालत ने यह मानते हुए कि सीओ कानपुर नगर अमरनाथ यादव को सफाई में कुछ नहीं कहना है, क्योंकि तामिला के बाद भी नहीं आए। इस कृत्य पर कोर्ट ने सीओ कानपुर नगर अमरनाथ यादव को 50 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड की धनराशि की कटौती वेतन से करने का आदेश दिया है।
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किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को उम्रकैद
पांच वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए दोषियों पर 50- 50 हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक शक्तिनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 15 मई 2018 को थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी 14 मई 2018 की रात 8- 9 बजे शौच के लिए रेलवे लाइन की ओर गई थी। वहां पहले से मौजूद राम औतार निवासी परसवार राजा थाना शक्तिनगर ने बेटी को पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना में लठ्ठु बैगा निवासी परसवार राजा का नाम भी प्रकाश में आया। विवेचक ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी राम औतार और लठ्ठू को उम्रकैद व 50- 50 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि एक लाख रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।