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निर्वतमान प्रधान समेत कइयों के खिलाफ दर्ज होगा केस
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सोनभद्र। सरकारी लोहिया आवास बनवाने के नाम पर लाभार्थियों से रुपये लेकर हजम करने के आरोप में घोरावल विकास खंड के मरसड़ा गांव के निवर्तमान ग्राम प्रधान समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन/मजिस्ट्रेट ने घोरावल एसओ को प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत विधिनुसार विवेचना करने का आदेश दिया है।
अधिवक्ताओं के जरिये सरस्वती व अन्य ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें वर्ष 2016 में लोहिया आवास आवंटित हुए थे। हर लाभार्थी को आवास बनवाने के लिए दो लाख 75 हजार रुपये स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि ग्राम प्रधान और गांव के ही एक व्यक्ति ने कहा कि तुम लोग पढ़ी लिखी नहीं हो इसलिए मानक के अनुसार मकान नहीं बनवा पाओगी। इसलिए अपने रुपये हमें दे दो और हम आवास बनवाकर दे देंगे। धमकी भी दी कि अगर बात नहीं मानोगी तो आवास बनवाने के लिए आये धन वापस करवा देंगे। प्रधान के दबाव में आकर उन लोगों उनके बताए गए तीन व्यक्तियों के बैंक खाते में आवास के लिए मिले धन को डाल दिया। प्रधान समेत अन्य लोगों ने धन का बंदरबांट कर लिया। इस वजह से अभी तक आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। अब आवास बनवाने के लिए रुपये मांगने पर प्रधान धमकी दे रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि प्रधान समेत अन्य के खिलाफ खंड विकास अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। मजबूर होकर कोर्ट के शरण में जाना पड़ा। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अखिलेश मिश्रा ने बताया कि कोर्ट ने घोरावल एसएचओ को निवर्तमान प्रधान समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है।
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अधिवक्ताओं के जरिये सरस्वती व अन्य ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें वर्ष 2016 में लोहिया आवास आवंटित हुए थे। हर लाभार्थी को आवास बनवाने के लिए दो लाख 75 हजार रुपये स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि ग्राम प्रधान और गांव के ही एक व्यक्ति ने कहा कि तुम लोग पढ़ी लिखी नहीं हो इसलिए मानक के अनुसार मकान नहीं बनवा पाओगी। इसलिए अपने रुपये हमें दे दो और हम आवास बनवाकर दे देंगे। धमकी भी दी कि अगर बात नहीं मानोगी तो आवास बनवाने के लिए आये धन वापस करवा देंगे। प्रधान के दबाव में आकर उन लोगों उनके बताए गए तीन व्यक्तियों के बैंक खाते में आवास के लिए मिले धन को डाल दिया। प्रधान समेत अन्य लोगों ने धन का बंदरबांट कर लिया। इस वजह से अभी तक आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। अब आवास बनवाने के लिए रुपये मांगने पर प्रधान धमकी दे रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि प्रधान समेत अन्य के खिलाफ खंड विकास अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। मजबूर होकर कोर्ट के शरण में जाना पड़ा। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अखिलेश मिश्रा ने बताया कि कोर्ट ने घोरावल एसएचओ को निवर्तमान प्रधान समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है।
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