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Sonebhadra News: दो महीने दबाए रखा गेहूं खरीद में गबन का मामला
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सोनभद्र। जिले में गेहूं गबन मामले की जांच शुरू हो गई है। करीब दो माह तक 11 किसानों से खरीदे गए गेहूं में हेरफेर का मामला दबाए रखा गया। अब पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीसीयू के जिला प्रबंधक बाल केशव पटेल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि रबी विपणन वर्ष 2024-25 में पीसीयू के माध्यम से क्रय विक्रय राॅबर्टसगंज सहकारी समिति क्रय स्थल (मंडी) में गेहूं खरीद केंद्र बनाया गया था। केंद्र प्रभारी संतोष कुमार की ओर से 11 कृषकों से 911 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इसके सापेक्ष मात्र 190 क्विंटल की डिलीवरी भारतीय खाद्य निगम में कराया गया। अवशेष 721 क्विंटल गेहूं का पता नहीं चला। जब 12 अगस्त को केंद्र का निरीक्षण किया गया तो केंद्र प्रभारी मौके से फरार मिले। अब कोतवाली पुलिस ने साढ़े 13 लाख कीमत के 721 क्विंटल गेहूं के गबन में केस दर्ज कर जांच में जुटी है। विभागीय कर्मियों की मानें तो संबंधितों को गबन के मामले की भनक जुलाई माह में ही लग गई थी। बावजूद कार्रवाई के लिए कोई आगे नहीं आया। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद विभाग ने एफआईआर कराई है।
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पीसीयू के जिला प्रबंधक बाल केशव पटेल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि रबी विपणन वर्ष 2024-25 में पीसीयू के माध्यम से क्रय विक्रय राॅबर्टसगंज सहकारी समिति क्रय स्थल (मंडी) में गेहूं खरीद केंद्र बनाया गया था। केंद्र प्रभारी संतोष कुमार की ओर से 11 कृषकों से 911 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इसके सापेक्ष मात्र 190 क्विंटल की डिलीवरी भारतीय खाद्य निगम में कराया गया। अवशेष 721 क्विंटल गेहूं का पता नहीं चला। जब 12 अगस्त को केंद्र का निरीक्षण किया गया तो केंद्र प्रभारी मौके से फरार मिले। अब कोतवाली पुलिस ने साढ़े 13 लाख कीमत के 721 क्विंटल गेहूं के गबन में केस दर्ज कर जांच में जुटी है। विभागीय कर्मियों की मानें तो संबंधितों को गबन के मामले की भनक जुलाई माह में ही लग गई थी। बावजूद कार्रवाई के लिए कोई आगे नहीं आया। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद विभाग ने एफआईआर कराई है।
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