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कैंटीन कर्मियों को 35 साल बाद न्याय, 20 कर्मचारियों को मिला ज्वाइनिंग लेटर
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एनटीपीसी सिंगरौली (शक्तिनगर) के कैंटीन कर्मचारियों को 35 साल बाद न्याय मिलने से कार्मिकों व परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। एनटीपीसी ने कर्मचारियों को संस्था का हिस्सा मानते हुए 20 कर्मियों को ज्वाइनिंग लेटर जारी कर दिया। संबंधित कर्मियों को 25 जुलाई तक एनटीपीसी के विभिन्न पावर प्लांटों में ज्वाइन करना है। इससे पहले मेडिकल सहित अन्य औपचारिकता पूरी करनी होगी।
कैंटीन कर्मचारियों ने स्थाई नियुक्ति के लिए लड़ाई साल 1987 में शुरू की थी। औद्योगिक विवाद के रूप में शुरू मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। इस दौरान कई उतार चढ़ाव आए लेकिन न तो कर्मचारियों ने हिम्मत हारी ना तो पैरोकारों ने। जिन कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र व तैनाती दी गई है उसमें महानंद को एनटीपीसी बोंगाईगांव असम, जयप्रकाश कुशवाहा एनटीपीसी बरौनी, दरोगा यादव एनटीपीसी फरक्का, दिवाकर सिंह एनटीपीसी कूडगी, शिव जल खंडित एनटीपीसी कूडगी, अशोक सिंह एनटीपीसी चट्टी बरियातू बड़कागांव हजारीबाग, शंभू यादव एनटीपीसी कूडगी, दिलीप कुमार मुंडा एनटीपीसी बाढ़, सुख पति पटेल एनटीपीसी सिमाद्री, अर्जुन सिंह प्रथम को एनटीपीसी फरक्का में नियुुक्ति दी गई लेकिन दुर्भाग्यवश मंगलवार को आर्डर आने के पश्चात उनकी मृत्यु हो गई। इसी प्रकार कौशल किशोर एनटीपीसी केरेनदारी हजारीबाग झारखंड, स्व. महेंद्र नाथ सिंह, स्वर्गीय चेतन सिंह के मृत्यु के उपरांत उनके आश्रित को नियम मुताबिक लाभ मिलेगा। राजपति ठाकुर जुलाई 2020 में रिटायरमेंट हुए। इनको भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा 11 अन्य कर्मचारियों को भी ऐसे ही नौकरी तथा रिटायरमेंट वह मृतक आश्रितों को बाद उन्हें नियमानुसार भुगतान किया जाएगा। इस लड़ाई को एडवोकेट हाई कोर्ट पंकज कुमार अस्थाना ने अहम भूमिका निभाई। श्री अस्थाना ने न्याय की जीत बताया।
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कैंटीन कर्मचारियों ने स्थाई नियुक्ति के लिए लड़ाई साल 1987 में शुरू की थी। औद्योगिक विवाद के रूप में शुरू मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। इस दौरान कई उतार चढ़ाव आए लेकिन न तो कर्मचारियों ने हिम्मत हारी ना तो पैरोकारों ने। जिन कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र व तैनाती दी गई है उसमें महानंद को एनटीपीसी बोंगाईगांव असम, जयप्रकाश कुशवाहा एनटीपीसी बरौनी, दरोगा यादव एनटीपीसी फरक्का, दिवाकर सिंह एनटीपीसी कूडगी, शिव जल खंडित एनटीपीसी कूडगी, अशोक सिंह एनटीपीसी चट्टी बरियातू बड़कागांव हजारीबाग, शंभू यादव एनटीपीसी कूडगी, दिलीप कुमार मुंडा एनटीपीसी बाढ़, सुख पति पटेल एनटीपीसी सिमाद्री, अर्जुन सिंह प्रथम को एनटीपीसी फरक्का में नियुुक्ति दी गई लेकिन दुर्भाग्यवश मंगलवार को आर्डर आने के पश्चात उनकी मृत्यु हो गई। इसी प्रकार कौशल किशोर एनटीपीसी केरेनदारी हजारीबाग झारखंड, स्व. महेंद्र नाथ सिंह, स्वर्गीय चेतन सिंह के मृत्यु के उपरांत उनके आश्रित को नियम मुताबिक लाभ मिलेगा। राजपति ठाकुर जुलाई 2020 में रिटायरमेंट हुए। इनको भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा 11 अन्य कर्मचारियों को भी ऐसे ही नौकरी तथा रिटायरमेंट वह मृतक आश्रितों को बाद उन्हें नियमानुसार भुगतान किया जाएगा। इस लड़ाई को एडवोकेट हाई कोर्ट पंकज कुमार अस्थाना ने अहम भूमिका निभाई। श्री अस्थाना ने न्याय की जीत बताया।
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