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ओवरटाइम भुगतान को लेकर कोल कर्मियों का कार्य बहिष्कार
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कृष्णशिला परियोजना के टाइम ऑफिस पर प्रदर्शन करते कोल कर्मी
- फोटो : SONBHADRA
अनपरा। एनसीएल कृष्णशिला परियोजना में शनिवार को आरसीएमएस इंटक, एटक व बीएमएस के पदाधिकारियों ने विभिन्न मांगो को लेकर कार्य बहिष्कार कर दिया जिससे परियोजना का घंटों कार्य बाधित रहा। प्रबंधन व यूनियन के पदाधिकारियों के बीच वार्ता के बाद सहमति बनने पर कार्य शुरू हो पाया।
एनसीएल कृष्णशिला परियोजना में आरसीएमएस, एटक व बीएमएस के पदाधिकारियों ने मांगों के समर्थन में सुबह से ही कार्य बहिष्कार कर दिया। बीएमएस के अध्यक्ष द्ददी प्रसाद ने कहा कि ओवर टाइम, महारेस्ट में सिंक व इंसेटिव का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बारूद गाड़ी में बारूद, डेटोनेटर और कर्मी एक ही वाहन में आते जाते हैं। बड़ा डोजर मरम्मत का पिछले चार साल से ओवर हीट के प्राब्लम से 90 मिनट ही चलता है और आधे घंटे खड़ा रहता है। जब तक वारंटी में था कोई काम नहीं कराया गया। किसी भी डोजर का एसी काम नहीं कर रहा है। सरफेश माइनिंग का कोई भी इंसेटिव स्कीम नहीं है। इस कारण कार्य करने वाले आपरेटर को 100 या 200 रुपये का इन्सेटिव भुगतान किया जाता है।
खदान में प्राइवेट एंबुलेंस थी जो सही समय पर उपलब्ध न होने के कारण बिल्लू पासी का निधन हो गया जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। काफी गहमागहमी के बीच घंटो चले कार्य बहिष्कार के बाद प्रबंधन ने यूनियन के पदाधिकारियों से वार्ता कर मामले को शांत कराया। स्टाफ अधिकारी कार्मिक पीवी सत्यनारायण ने कहा कि जांच कराकर भुगतान किया जाएगा। जो ओवर टाइम काटा गया है उसकी भी जांच कर भुगतान की प्रक्रिया लागू की जाएगी तथा अगले माह से ओवर टाइम कराया जाएगा। तब जाकर कर्मियों का प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस अवसर पर बीएमएस के मनोज सिंह, एटक के संजीव कौशल, आरसीएमएस इंटक के शकील खान सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
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एनसीएल कृष्णशिला परियोजना में आरसीएमएस, एटक व बीएमएस के पदाधिकारियों ने मांगों के समर्थन में सुबह से ही कार्य बहिष्कार कर दिया। बीएमएस के अध्यक्ष द्ददी प्रसाद ने कहा कि ओवर टाइम, महारेस्ट में सिंक व इंसेटिव का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बारूद गाड़ी में बारूद, डेटोनेटर और कर्मी एक ही वाहन में आते जाते हैं। बड़ा डोजर मरम्मत का पिछले चार साल से ओवर हीट के प्राब्लम से 90 मिनट ही चलता है और आधे घंटे खड़ा रहता है। जब तक वारंटी में था कोई काम नहीं कराया गया। किसी भी डोजर का एसी काम नहीं कर रहा है। सरफेश माइनिंग का कोई भी इंसेटिव स्कीम नहीं है। इस कारण कार्य करने वाले आपरेटर को 100 या 200 रुपये का इन्सेटिव भुगतान किया जाता है।
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खदान में प्राइवेट एंबुलेंस थी जो सही समय पर उपलब्ध न होने के कारण बिल्लू पासी का निधन हो गया जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। काफी गहमागहमी के बीच घंटो चले कार्य बहिष्कार के बाद प्रबंधन ने यूनियन के पदाधिकारियों से वार्ता कर मामले को शांत कराया। स्टाफ अधिकारी कार्मिक पीवी सत्यनारायण ने कहा कि जांच कराकर भुगतान किया जाएगा। जो ओवर टाइम काटा गया है उसकी भी जांच कर भुगतान की प्रक्रिया लागू की जाएगी तथा अगले माह से ओवर टाइम कराया जाएगा। तब जाकर कर्मियों का प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस अवसर पर बीएमएस के मनोज सिंह, एटक के संजीव कौशल, आरसीएमएस इंटक के शकील खान सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
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