{"_id":"581b7a514f1c1bae31437b49","slug":"boy-sunk-in-the-cannal","type":"story","status":"publish","title_hn":" नाले में डूबने से बालक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाले में डूबने से बालक की मौत
सोनभद्र
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
नाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र के पिपरखाड़ गांव में चमराखाड़ी नाले पर बने रपटे पर से फिसल कर नाले में डूबने से कोन थाना क्षेत्र के रोरवा गांव निवासी सूरज (12) पुत्र बाबूलाल की मौत हो गई। ग्रामीणों ने रपटा को ऊंचा किए जाने और मुआवजा की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर कचनरवा-भालूकुदर मार्ग को जाम कर दिया। दुद्धी एसडीएम से दूरभाष पर बातचीत में आश्वासन मिलने पर मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी सीएचसी भेज दिया।
बता दें कि सूरज पिपरखाड़ गांव के चमराखाड़ी बस्ती में अपने नाना के यहां रहता था। वह कक्षा 3 का छात्र था। नाले को पार कर गुरुवार को दूकान पर कुछ सामान लेने जा रहा था कि अचानक पैर फिसल गया और नाले के गहरे पानी में डूब गया। जब तक लोग बचाने के लिए पहुंचे उसकी मौत हो चुकी थी। रपटे के ऊपर अभी भी 2 से 3 फीट पानी लगा हुआ है। करीब 50 घरों के लोग उसके ऊपर से ही गांव के मुख्य मार्ग पर आते हैं।
इसके अलावा चमराखाड़ी बस्ती के लोगों को गांव में आने-जाने के लिए कोई मार्ग नही है। ग्रामीणों ने रपटा को ऊंचा किए जाने और मुआवजा की मांग को लेकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। कोन पुलिस के जरिए दुद्धी एसडीएम भानु प्रताप सिंह से दूरभाष पर बातचीत कराए जाने के बाद मिले आश्वासन पर लोग शांत हो गए। इसके बाद आवागमन शुरू हो गया। प्रदर्शन करने वालों में विजय शंकर तिवारी, मुकेश तिवारी,अजय बैगा, बृजेश, उदय, अरविंद, शुभम, रामप्रवेश, बचलू, बुद्धू आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि सूरज पिपरखाड़ गांव के चमराखाड़ी बस्ती में अपने नाना के यहां रहता था। वह कक्षा 3 का छात्र था। नाले को पार कर गुरुवार को दूकान पर कुछ सामान लेने जा रहा था कि अचानक पैर फिसल गया और नाले के गहरे पानी में डूब गया। जब तक लोग बचाने के लिए पहुंचे उसकी मौत हो चुकी थी। रपटे के ऊपर अभी भी 2 से 3 फीट पानी लगा हुआ है। करीब 50 घरों के लोग उसके ऊपर से ही गांव के मुख्य मार्ग पर आते हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा चमराखाड़ी बस्ती के लोगों को गांव में आने-जाने के लिए कोई मार्ग नही है। ग्रामीणों ने रपटा को ऊंचा किए जाने और मुआवजा की मांग को लेकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। कोन पुलिस के जरिए दुद्धी एसडीएम भानु प्रताप सिंह से दूरभाष पर बातचीत कराए जाने के बाद मिले आश्वासन पर लोग शांत हो गए। इसके बाद आवागमन शुरू हो गया। प्रदर्शन करने वालों में विजय शंकर तिवारी, मुकेश तिवारी,अजय बैगा, बृजेश, उदय, अरविंद, शुभम, रामप्रवेश, बचलू, बुद्धू आदि शामिल रहे।
विज्ञापन