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मजदूरी न मिलने से क्षुब्ध मजदूरों ने किया प्रदर्शन
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म्योरपुर। भारतीय स्टेट बैंक गोविंदपुर के सामने शुक्रवार को गंभीरपुर व कुसम्हा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने पहुंचकर मनरेगा मजदूरी का भुगतान न किए जाने को लेकर प्रदर्शन किया और बैंक में दो वर्ष से खराब प्रिंटर पर नाराजगी जताई। मजदूरों का आरोप था कि उनकी मजदूरी आने के बावजूद बैंक द्वारा उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मजदूरों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
म्योरपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर बड़ी संख्या में शुक्रवार को गंभीरपुर एवं कुसम्हा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष जताते हुए प्रदर्शन भी किया। मनरेगा मजदूरों का कहना था कि उनको काम के बदले मजदूरी का भुगतान ब्लाक द्वारा उनके खाते में कर दिया गया है, लेकिन बैंक के कर्मचारियों द्वारा उनके खाते में रुपये न होने की बात कहीं जा रही है। आरोप है कि बैंक कर्मी उनका पासबुक प्रिंट नहीं करते हैं। इससे उनको यह पता चल जाएगा कि वास्तव में उनके खाते के धन है या नही। हमेशा प्रिंटर खराब होने का बहाना बनाया जाता है। मनरेगा मजदूरों का आरोप था कि वह रोजाना आकर बैंक से वापस जा रहे हैं। ऐसे में उनकी जरूरतों को कैसे पूरा किया जा सकता है। काम करने के बावजूद उनको मजदूरी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि बैंक में उनके खाते में मनरेगा का भुगतान नहीं आया है, तो पासबुक प्रिंट कर देना चाहिए।
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म्योरपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर बड़ी संख्या में शुक्रवार को गंभीरपुर एवं कुसम्हा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष जताते हुए प्रदर्शन भी किया। मनरेगा मजदूरों का कहना था कि उनको काम के बदले मजदूरी का भुगतान ब्लाक द्वारा उनके खाते में कर दिया गया है, लेकिन बैंक के कर्मचारियों द्वारा उनके खाते में रुपये न होने की बात कहीं जा रही है। आरोप है कि बैंक कर्मी उनका पासबुक प्रिंट नहीं करते हैं। इससे उनको यह पता चल जाएगा कि वास्तव में उनके खाते के धन है या नही। हमेशा प्रिंटर खराब होने का बहाना बनाया जाता है। मनरेगा मजदूरों का आरोप था कि वह रोजाना आकर बैंक से वापस जा रहे हैं। ऐसे में उनकी जरूरतों को कैसे पूरा किया जा सकता है। काम करने के बावजूद उनको मजदूरी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि बैंक में उनके खाते में मनरेगा का भुगतान नहीं आया है, तो पासबुक प्रिंट कर देना चाहिए।
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