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सभी खनिज बैरियर खत्म, अब होगी मोबाइल चेकिंग

Wed, 18 Aug 2021 09:56 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 09:56 PM IST
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All mineral barriers are over, now there will be mobile checking
सोनभद्र। बिना परमिट और ओवरलोडिंग की आड़ में गिट्टी-बालू लदे वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतों के बाद प्रशासन ने जिले के सभी खनिज बैरियर खत्म कर दिए हैं। अब जिला और तहसील स्तर की मोबाइल टीमें चेकिंग करेंगी। इस दौरान मानक के विपरीत परिवहन करते पकड़े जाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन के इस फैसले से जहां पासरों के बड़े रैकेट को झटका लगा है, वहीं ट्रक मालिकों में भी थोड़ी राहत है।
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खनिज संपदा का अवैध दोहन रोकने और ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए जिले में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर खनिज बैरियर स्थापित किए गए थे। लोढ़ी, डाला, बग्घानाला, बीजपुर, सागोबांध सहित अन्य स्थानों पर स्थापित बैरियरों पर बालू, गिट्टी लदे वाहनों को रोककर उनके परमिट और लोड की जांच की जाती थी। वैसे तो प्रशासन की यह व्यवस्था सरकारी राजस्व की चोरी रोकने के लिए थी, लेकिन बाद में यह खुद लूट का बड़ा अड्डा बन गए थे। पासरों की सक्रियता और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से मनमाने ढंग से वाहनों को पास कराया जाता था। बैरियर से वही वाहन आगे बढ़ाए जाते थे, जो कर्मचारियों और पासरों की इच्छा पूर्ति करते थे। अलग-अलग बैरियर के लिए अलग-अलग रैकेट सक्रिय हो गया था, जिनके मानक भी अलग थे। इसे लेकर आए दिन बैरियर पर विवाद और मारपीट के मामले आ रहे थे। ओवरलोडिंग की आड़ में उत्पीड़न का ट्रक मालिकों ने भी इसे लेकर विरोध का रुख अख्तियार कर लिया था। मामला उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने सभी खनिज बैरियर को खत्म करने का आदेश दिया है।
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जनप्रतिनिधि की पकड़ी गई गाड़ी तो गरमाया मामला
सोनभद्र। जिले में कई स्थानों पर संचालित खनिज बैरियर को खत्म कर एक करने की मांग ट्रक मालिक एसोसिएशन लगातार करता आ रहा है, मगर जिम्मेदार बस आश्वासन देते रहे। पिछले दिनों जब एक जनप्रतिनिधि का ट्रक बैरियर पर फंसा तो मामला उच्च स्तर तक पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक सत्ताधारी दल से ताल्लुक रखने वाले जनप्रतिनिधि से जुड़े वाहन को एक बैरियर से पास कर दिया गया था, लेकिन अगले बैरियर पर वाहन को ओवरलोड बताकर रोक दिया गया। जनप्रतिनिधि ने इस पर आपत्ति जताई। दलील दी कि जब एक बैरियर पर मानक पूरा थे तो दूसरे पर कैसे कम हो गया। ऐसे में जाहिर है कि किसी स्थान पर गड़बड़ी हो रही है। जनप्रतिनिधि ने इसकी शिकायत सीधे उच्च स्तर पर की, तब अफसर भी हरकत में आए। उच्चाधिकारियों का आदेश बताते हुए खनिज बैरियर खत्म करने का आदेश जारी हुआ।
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इस मामले में जिला खान अधिकारी जेपी द्विवेदी का कहना है कि खनिज बैरियर पर उत्पीड़न और अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही थी। इसका संज्ञान लेते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जिले के सभी खनिज बैरियर खत्म कर दिए गए हैं। अब सिर्फ मोबाइल चेकिंग होगी। जिला, तहसील स्तर और अन्य नामित अधिकारी भ्रमण के दौरान औचक जांच करेंगे। इस दौरान कागजात में कमी पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी।
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