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Sonebhadra News: एआई ने पकड़ा पीएम आवास में फर्जीवाड़ा, 27366 आवेदक सत्यापन में मिले अपात्र
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सोनभद्र। पीएम आवास योजना प्लस सर्वे के जरिये किए गए आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब फाइनल सूची सामने आ गई है। एआई की तरफ से भेजी गई संदिग्धों की सूची के आधार पर किए गए ब्लॉकवार सत्यापन में 197078 आवेदकों में 27366 अपात्र पाए गए हैं। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद ग्राम पंचायतों को सूची उपलब्ध कराते हुए सभी का जॉबकार्ड बनाने का निर्देश जारी किया गया है।
154559 लाभार्थियों का जॉब कार्ड भी बना लिया गया है। अब महज 15153 का जाॅब कार्ड शेष है, जिन्हें भी जल्द बनाने और ग्राम पंचायत स्तर पर खुली बैठक कर आवास के लाभार्थियों की चयन सूची को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम आवास प्लस योजना के तहत बड़े स्तर पर सर्वे कराया गया था। इसके जरिये आवेदकों की सूची में जो नाम शामिल किए गए थे, उसकी ग्राम पंचायत, ब्लाॅक और जिले स्तर पर प्राथमिक सत्यापन के बाद सूची संबंधित पोर्टल पर अपलोड की गई।
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एआई के जरिये किए गए सत्यापन में 30 हजार से अधिक आवेदनों की स्थिति पर सवाल उठाए गए। इसके बाद इस सूची को सभी बीडीओ को सौंपते हुए नए सिरे से मानक से जुड़े एक-एक बिंदुओं पर सत्यापन कराया गया।
पता चला कि कई ऐसे आवेदक हैं जिन्होंने सामान्य बीमारी को गंभीर श्रेणी में दर्शा दिया था। वहीं कई आवेदक ऐसे मिले जिनके घर की स्थिति ठीक नहीं थी। बावजूद उन्होंने अपने अधूरे घर दर्शाने की बजाय मौके पर खाली जमीन दर्शा दी। इसी तरह कई के पक्के मकान पाए गए। ब्लाॅकवार अपनाई गई सत्यापन प्रक्रिया में कुल 27366 ऐसे आवेदन मिले जिनके आवेदन पात्रता के मानकों की कसौटी पर खरे नहीं पाए गए।
इसके बाद उन्हें पात्रता की सूची से बाहर कर दिया गया। अब जो फाइल सूची सामने आई है उसे संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने के साथ ही उसे ग्राम पंचायतों को भी उपलब्ध करा दिया गया है और सभी लाभार्थियों का जॉबकार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
गांव की खुली बैठक में सूची में शामिल नामों की पात्रता जांचने के लिए कहा गया है। निर्देश में इस बात को स्पष्ट किया गया है जिन लाभार्थियों के जाबकार्ड नहीं होंगे या जाबकार्ड के लिए पात्र नहीं होंगे तो उन्हें आवास का लाभ नहीं मिल पाएगा।
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154559 लाभार्थियों का जॉब कार्ड भी बना लिया गया है। अब महज 15153 का जाॅब कार्ड शेष है, जिन्हें भी जल्द बनाने और ग्राम पंचायत स्तर पर खुली बैठक कर आवास के लाभार्थियों की चयन सूची को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं।
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पीएम आवास प्लस योजना के तहत बड़े स्तर पर सर्वे कराया गया था। इसके जरिये आवेदकों की सूची में जो नाम शामिल किए गए थे, उसकी ग्राम पंचायत, ब्लाॅक और जिले स्तर पर प्राथमिक सत्यापन के बाद सूची संबंधित पोर्टल पर अपलोड की गई।
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एआई के जरिये किए गए सत्यापन में 30 हजार से अधिक आवेदनों की स्थिति पर सवाल उठाए गए। इसके बाद इस सूची को सभी बीडीओ को सौंपते हुए नए सिरे से मानक से जुड़े एक-एक बिंदुओं पर सत्यापन कराया गया।
पता चला कि कई ऐसे आवेदक हैं जिन्होंने सामान्य बीमारी को गंभीर श्रेणी में दर्शा दिया था। वहीं कई आवेदक ऐसे मिले जिनके घर की स्थिति ठीक नहीं थी। बावजूद उन्होंने अपने अधूरे घर दर्शाने की बजाय मौके पर खाली जमीन दर्शा दी। इसी तरह कई के पक्के मकान पाए गए। ब्लाॅकवार अपनाई गई सत्यापन प्रक्रिया में कुल 27366 ऐसे आवेदन मिले जिनके आवेदन पात्रता के मानकों की कसौटी पर खरे नहीं पाए गए।
इसके बाद उन्हें पात्रता की सूची से बाहर कर दिया गया। अब जो फाइल सूची सामने आई है उसे संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने के साथ ही उसे ग्राम पंचायतों को भी उपलब्ध करा दिया गया है और सभी लाभार्थियों का जॉबकार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
गांव की खुली बैठक में सूची में शामिल नामों की पात्रता जांचने के लिए कहा गया है। निर्देश में इस बात को स्पष्ट किया गया है जिन लाभार्थियों के जाबकार्ड नहीं होंगे या जाबकार्ड के लिए पात्र नहीं होंगे तो उन्हें आवास का लाभ नहीं मिल पाएगा।