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Sonebhadra News: अच्छे उत्पादन के लिए वैज्ञानिक विधि अपनाएं

Fri, 08 Aug 2025 01:43 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 01:43 AM IST
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Adopt scientific methods for better production
बभनी। मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम के तहत राजकीय तसर रेशम फार्म मुनगाडीह में बृहस्पतिवार को किसानों को रेशम कीट पालन का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें वैज्ञानिकों ने बताया कि रेशम के अच्छे उत्पादन के लिए वैज्ञानिक विधि और तकनीक को अपनाएं।
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केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान रांची की ओर से आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत अर्जुन के पौधे रोपने के साथ हुई। तकनीकी सत्र में वैज्ञानिक डॉ. हरेंद्र यादव ने रेशम कीट पालन के लिए वैज्ञानिक विधि पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि रेशम कीट पालन के प्रत्येक चरण जैसे कि ऊष्मायन, चाकी एवं वयस्क अवस्था से लेकर कोया की तुड़ाई, कटाई तक संक्रमण नियंत्रण जरूरी है। सहायक रेशम विकास अधिकारी सूबेदार ने चाकी और नायलान नेट के अंदर द्वितीय अवस्था तक कीट पालन के बारे में बताया। उत्तरावस्था में अर्जुन के पेड़ों पर कीटों का पालन किया जाता है।
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यह पद्धति प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल और व्यवसायिक दृष्टि से लाभकारी सिद्ध हो रही है। सहायक रेशम विकास अधिकारी पंकज कुमार ने कोया उत्पादन के साथ बीजागार के माध्यम से रेशम उत्पादन की जानकारी दी। कार्यक्रम में सदस्य सचिव चंद्रदेव, ग्राम प्रधान गुड़िया देवी, रामानंद आदि थे।
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