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लंपी बीमारी को लेकर सतर्क हुआ प्रशासन, बार्डर से पशुओं की आवाजाही पर लगी रोक
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राबर्ट्सगंज स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय। संवाद
- फोटो : SONBHADRA
पशुपालन विभाग की तरफ से लंपी बीमारी के मद्देनजर जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। लंपी बीमारी के एक भी लक्षण मिले नहीं हैं लेकिन एहतियात बरतते हुए जिले से लगने वाली चार प्रांतों की सीमा और गैर जनपदों की सीमा से पशुओं के आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। मंगलवार से बार्डर क्षेत्र के गांवों के पशुओं का टीकाकरण शुरू कराया जाएगा ताकि लंपी बीमारी जिले में पैर न पसार सके।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले के सभी दस ब्लॉकों में पांच लाख से अधिक गोवंश हैं। डेढ़ लाख से अधिक भैंस हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में लंपी बीमारी तेजी से पांव पसार रही है। हालांकि, सोनभद्र में अभी इस बीमारी के एक भी मामले नहीं आए है। बावजूद इसके पशुपालन विभाग की तरफ से सतर्कता बढ़ा दी गई है।
सोनभद्र सीमा से लगे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार से सटी सीमा से पशुओं की आवाजाही, खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही ब्लॉक वार टीमों का गठन कर जागरूकता फैलाई जा रही है। सीवीओ ने बताया कि लंपी बीमारी पर रोकथाम के लिए शासन स्तर से 50 हजार टीका प्राप्त हो गई है।
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सभी पशु चिकित्सालयों पर टीका पहुंचाया जा रहा है। सभी सेंटरों पर टीका पहुंचाने के बाद मंगलवार से सबसे पहले बॉर्डर के गांवों में टीकाकरण शुरू कराया जाएगा, ताकि दूसरे प्रांतों एवं जिलों से लंपी बीमारी जिले में पैर न पसार सके।
आश्रय स्थलों में रह रहे पशुओं को लगेगा टीका
पशुपालन विभाग की तरफ से लंपी बीमारी पर रोकथाम के लिए स्थायी व अस्थायी गो आश्रय स्थलों में भी टीकाकरण शुरू कराया जाएगा। अभी घोरावल में दो और चोपन में एक स्थायी गो आश्रय स्थल तथा राबर्ट्सगंज, सलखन, ओबरा सहित पांच स्थानों पर अस्थायी गो आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं। इन आश्रय स्थलों में 2500 से अधिक पशु रखे गए हैं।
शासन स्तर से लंपी बीमारी से बचाव के लिए 50 हजार टीका मिला है। जिसे सभी पशु चिकित्सालयों पर पहुंचाया जा रहा है। बार्डर क्षेत्र के गांवों में 20 सितंबर से टीकाकरण शुरू होगा। - एके सिंह, सीवीओ, सोनभद्र।
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पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले के सभी दस ब्लॉकों में पांच लाख से अधिक गोवंश हैं। डेढ़ लाख से अधिक भैंस हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में लंपी बीमारी तेजी से पांव पसार रही है। हालांकि, सोनभद्र में अभी इस बीमारी के एक भी मामले नहीं आए है। बावजूद इसके पशुपालन विभाग की तरफ से सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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सोनभद्र सीमा से लगे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार से सटी सीमा से पशुओं की आवाजाही, खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही ब्लॉक वार टीमों का गठन कर जागरूकता फैलाई जा रही है। सीवीओ ने बताया कि लंपी बीमारी पर रोकथाम के लिए शासन स्तर से 50 हजार टीका प्राप्त हो गई है।
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सभी पशु चिकित्सालयों पर टीका पहुंचाया जा रहा है। सभी सेंटरों पर टीका पहुंचाने के बाद मंगलवार से सबसे पहले बॉर्डर के गांवों में टीकाकरण शुरू कराया जाएगा, ताकि दूसरे प्रांतों एवं जिलों से लंपी बीमारी जिले में पैर न पसार सके।
आश्रय स्थलों में रह रहे पशुओं को लगेगा टीका
पशुपालन विभाग की तरफ से लंपी बीमारी पर रोकथाम के लिए स्थायी व अस्थायी गो आश्रय स्थलों में भी टीकाकरण शुरू कराया जाएगा। अभी घोरावल में दो और चोपन में एक स्थायी गो आश्रय स्थल तथा राबर्ट्सगंज, सलखन, ओबरा सहित पांच स्थानों पर अस्थायी गो आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं। इन आश्रय स्थलों में 2500 से अधिक पशु रखे गए हैं।
शासन स्तर से लंपी बीमारी से बचाव के लिए 50 हजार टीका मिला है। जिसे सभी पशु चिकित्सालयों पर पहुंचाया जा रहा है। बार्डर क्षेत्र के गांवों में 20 सितंबर से टीकाकरण शुरू होगा। - एके सिंह, सीवीओ, सोनभद्र।