{"_id":"6200150fd892c153d6423c82","slug":"action-will-be-taken-against-hundred-crusher-plants-of-cat-markudi-mining-area-sonbhadra-news-vns6373221179","type":"story","status":"publish","title_hn":"निकलनी थी पोते की बारात, थम गई दादा की सांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निकलनी थी पोते की बारात, थम गई दादा की सांस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर में रविवार की दोपहर उस वक्त शहनाई की धुन मातम में बदल गई, जब पोते की बरात निकलने से ठीक पहले दादा की मौत हो गई। पोते की शादी देखने की अधूरी हसरत लेकर दुनिया से रुखसत हुए दादा के शोक में परिजन डूब गए। देर शाम तक सादगीपूर्ण माहौल में विवाह संपन्न कराने की कोशिश चलती रही।
कस्बा निवासी मोतीलाल (82) लेखपाल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कई दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। उपचार के लिए उन्हें वाराणसी के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उनके मन में पोते की बरात देखने की बड़ी तमन्ना थी। इसे देखते हुए परिवार के लोग उन्हें निजी वाहन से लेकर दुद्धी आ रहे थे। चोपन पहुंचते-पहुंचते बीच रास्ते में ही उनकी सांसें थम गई। इसकी जानकारी जैसे ही दुद्धी स्थित उनके घर पहुंची, शादी की खुशियां गम में तब्दील हो गई। विधि की इस विडंबना को देख वहां मौजूद दूसरे लोग भी गमगीन हो उठे। वहीं बाजार के लोग भी भौंचक नजर आए। शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाने के लिए देर तक लोगों का तांता लगा रहा। वहीं, चंद घंटों बाद शादी की स्थिति को देखते हुए वर और कन्या पक्ष सादगीपूर्ण तरीके से वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराने को लेकर बातचीत में जुटे हुए थे।
विज्ञापन
कस्बा निवासी मोतीलाल (82) लेखपाल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कई दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। उपचार के लिए उन्हें वाराणसी के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उनके मन में पोते की बरात देखने की बड़ी तमन्ना थी। इसे देखते हुए परिवार के लोग उन्हें निजी वाहन से लेकर दुद्धी आ रहे थे। चोपन पहुंचते-पहुंचते बीच रास्ते में ही उनकी सांसें थम गई। इसकी जानकारी जैसे ही दुद्धी स्थित उनके घर पहुंची, शादी की खुशियां गम में तब्दील हो गई। विधि की इस विडंबना को देख वहां मौजूद दूसरे लोग भी गमगीन हो उठे। वहीं बाजार के लोग भी भौंचक नजर आए। शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाने के लिए देर तक लोगों का तांता लगा रहा। वहीं, चंद घंटों बाद शादी की स्थिति को देखते हुए वर और कन्या पक्ष सादगीपूर्ण तरीके से वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराने को लेकर बातचीत में जुटे हुए थे।
विज्ञापन