{"_id":"5c894afbbdec2214720fa4f3","slug":"91552501499-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"193 बूथों पर मतदान कर्मियों से संपर्क करने में होगी मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
193 बूथों पर मतदान कर्मियों से संपर्क करने में होगी मुश्किल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। लोक सभा चुनाव के मद्देनजर जिले में 937 मतदान केेंद्र एवं 1475 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इनमें से 193 ऐसे बूथ ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां पर किसी भी कंपनी का मोबाइल नेटवर्क ने के बराबर काम करता है। इन बूथों पर चुनाव के दौरान तैनात मतदान कर्मियों से उच्चधिकारियों को संपर्क करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी चुनाव के दौरान जिन बूथों पर नेटवर्क की समस्या होगी वहां पुलिस के सहयोग से रेडियो सेट व सेटेलाइट फोन की व्यवस्था कराने में जुटे हुए है।
बताते चले कि सूबे के एक छोर पर बसे नक्सल प्रभावित सोनभद्र में विकास कार्य कराने के नाम पर पानी की तरह धन खर्च किया जा रहा है। बावजूद इसके जुगैल, माची, पोखरिया, बसुहारी समेत अन्य गांवों में मोबाइल टावर नहीं लगे है। इस नाते मोबाइलों का नेटवर्क का काम नहीं कर रहा है। जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 193 बूथ ऐसे है जहां पर मोबाइलों का नेटवर्क का काम नहीं करता है। इसके अलावा 102 बूथ ऐसे हैं जहां पर बिजली नहीं है। जबकि बिजली विभाग का दावा है कि जिले के हर मजरे व गांव में विद्युतीकरण किया जा चुका है। हालांकि जिला प्रशासन जिन बूथों पर बिजली नहीं है वहां पर सोलर व जनरेटर की व्यवस्था करवा कर चुनाव को संपन्न कराने की योजना तैयार करने मेें जुटा है। क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग का निर्देश है कि सभी बूथों पर पानी, शौचालय, बिजली, फर्नीचर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। 18 मतदेय स्थलों पर शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। जबकि पंचायती राज विभाग सभी जगहों पर शौचालय होने का दावा करता है। फिर भी चुनाव से पूर्व इन जगहों पर शौचालय बनवाने की बात कहीं जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित कुमार ने कहा कि अगर किसी बूथों पर कोई समस्या है तो उसे चुनाव के पूर्ण ठीक करवा दिया जाएगा। कहा कि आयोग के निर्देशानुसार चुनाव होगा।
विज्ञापन
बताते चले कि सूबे के एक छोर पर बसे नक्सल प्रभावित सोनभद्र में विकास कार्य कराने के नाम पर पानी की तरह धन खर्च किया जा रहा है। बावजूद इसके जुगैल, माची, पोखरिया, बसुहारी समेत अन्य गांवों में मोबाइल टावर नहीं लगे है। इस नाते मोबाइलों का नेटवर्क का काम नहीं कर रहा है। जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 193 बूथ ऐसे है जहां पर मोबाइलों का नेटवर्क का काम नहीं करता है। इसके अलावा 102 बूथ ऐसे हैं जहां पर बिजली नहीं है। जबकि बिजली विभाग का दावा है कि जिले के हर मजरे व गांव में विद्युतीकरण किया जा चुका है। हालांकि जिला प्रशासन जिन बूथों पर बिजली नहीं है वहां पर सोलर व जनरेटर की व्यवस्था करवा कर चुनाव को संपन्न कराने की योजना तैयार करने मेें जुटा है। क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग का निर्देश है कि सभी बूथों पर पानी, शौचालय, बिजली, फर्नीचर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। 18 मतदेय स्थलों पर शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। जबकि पंचायती राज विभाग सभी जगहों पर शौचालय होने का दावा करता है। फिर भी चुनाव से पूर्व इन जगहों पर शौचालय बनवाने की बात कहीं जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित कुमार ने कहा कि अगर किसी बूथों पर कोई समस्या है तो उसे चुनाव के पूर्ण ठीक करवा दिया जाएगा। कहा कि आयोग के निर्देशानुसार चुनाव होगा।
विज्ञापन