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श्री राणी सती के मंदिर में जलाई गई ज्योति
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:56 PM IST
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सोनभद्र। शनिवार की रात राबर्ट्सगंज के श्री राणी सती दादी जी के मंदिर में ज्योति जलाई गई। रात्रि जागरण एवं भजन का आयोजन किया गया। यहां पूरी रात भक्त भजनों पर झूमते हुए भक्ति रस में डूबे रहे। मंदिर कमेटी की ओर से देर शाम ज्योत जलाई गई। भक्तों ने पूजन-अर्चन किया।
भजन गायक गोविंद चौबे, सूरज गुप्ता, रमेश गोयल एवं कविता ने श्री गणेश, श्री राणी सती दादी, श्री पितर देवता सहित अन्य देवी देवताओं के भजन प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विमल जालान ने कहा कि श्री राणी सती दादी की महिमा देश ही नहीं विदेशों में भी कौन नहीं जानता। पौराणिक इतिहास के अनुसार महाभारत के युद्ध में जब अभिमन्यु वीर गति को प्राप्त हो गए तो उनकी पत्नी उत्तरा के मन में पति के साथ सती होने का विचार आया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें सती होने से रोक दिया और वरदान दिया कि कलियुग में उनका नाम नारायणी होगा। पूरे विश्व में श्री राणी सती के नाम से विख्यात होंगी। उसी वरदान के फलस्वरूप अब से 723 वर्ष पूर्व मंगसिर बदी नौमी संवत् 1352 को नारायणी सती हुईं तथा अपने सेवक राणा को दिए वरदान के अनुसार राणी सती के नाम से पूरे विश्व में विख्यात हुईं। कार्यक्रम में ओम प्रकाश जालान, पुरुषोत्तम जालान, कृष्ण कुमार जालान, भरत भूषण जालान, गोविंद जालान, रवि जालान, दिनेश जालान, नितेश जालान, रमेश गोयल, रवींद्र अग्रवाल, आनंद जालान, संजय अग्रवाल रहे।
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भजन गायक गोविंद चौबे, सूरज गुप्ता, रमेश गोयल एवं कविता ने श्री गणेश, श्री राणी सती दादी, श्री पितर देवता सहित अन्य देवी देवताओं के भजन प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विमल जालान ने कहा कि श्री राणी सती दादी की महिमा देश ही नहीं विदेशों में भी कौन नहीं जानता। पौराणिक इतिहास के अनुसार महाभारत के युद्ध में जब अभिमन्यु वीर गति को प्राप्त हो गए तो उनकी पत्नी उत्तरा के मन में पति के साथ सती होने का विचार आया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें सती होने से रोक दिया और वरदान दिया कि कलियुग में उनका नाम नारायणी होगा। पूरे विश्व में श्री राणी सती के नाम से विख्यात होंगी। उसी वरदान के फलस्वरूप अब से 723 वर्ष पूर्व मंगसिर बदी नौमी संवत् 1352 को नारायणी सती हुईं तथा अपने सेवक राणा को दिए वरदान के अनुसार राणी सती के नाम से पूरे विश्व में विख्यात हुईं। कार्यक्रम में ओम प्रकाश जालान, पुरुषोत्तम जालान, कृष्ण कुमार जालान, भरत भूषण जालान, गोविंद जालान, रवि जालान, दिनेश जालान, नितेश जालान, रमेश गोयल, रवींद्र अग्रवाल, आनंद जालान, संजय अग्रवाल रहे।
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