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रात में चार घंटे झलक दिखा रही बिजली रानी
Updated Thu, 10 May 2018 11:12 PM IST
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बीजपुर । जर्जर बिजली के खंभे, तार व उपकरण बिजली आपूर्ति व्यवस्था में रोड़ा बन गए है। ब्रेकडाउन की वजह से कई-कई घंटे बिजली आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं में आक्रोश फैलता जा रहा है। हालत यह है कि दिन भर बिजली गुल रह रही है और रात में महज चार घंटे ही आ रही है।
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का आदेश जारी किया है लेकिन नधिरा सब स्टेशन से जुड़े गांव में इसका पालन नहीं हो रहा है। रात में महज चार घंटे ही बिजली मिल रही है और तड़के चार बजे बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद दिन भर आपूर्ति नहीं हो रही है। आसमान से आग बरस रही और उस पर बिजली के न होने से लोग बिलबिला जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि ट्रांसफार्मर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई है। रेवड़ी की तरह बिजली के कनेक्शन बांटे जा रहे हैं। आटा चक्की, मोटर, बेलं्िडग मशीन आदि व्यवसाय करने वालों को कनेक्शन दे दिया गया है। जिससे ट्रंसफार्मरों पर क्षमता से अधिक भार है और वे आए दिन खराब हो रहे है। इसके अलावा कई लोगों को अवैध कनेक्शन भी दे दिए गए हैं। वहीं उपखंड अधिकारी (एसडीओ) मनोज कुमार का कहना है कि क्षेत्र में जर्जर बिजली कं खंभे, तार व उपकरण पहले से ही सिरदर्द बने हुए थे, आंधी में कई बिजली के खंभों के टूट जाने से स्थिति और भी खराब हो गई है। जिसकी वजह से कटौती करने की नौबत आ गई है।
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प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का आदेश जारी किया है लेकिन नधिरा सब स्टेशन से जुड़े गांव में इसका पालन नहीं हो रहा है। रात में महज चार घंटे ही बिजली मिल रही है और तड़के चार बजे बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद दिन भर आपूर्ति नहीं हो रही है। आसमान से आग बरस रही और उस पर बिजली के न होने से लोग बिलबिला जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि ट्रांसफार्मर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई है। रेवड़ी की तरह बिजली के कनेक्शन बांटे जा रहे हैं। आटा चक्की, मोटर, बेलं्िडग मशीन आदि व्यवसाय करने वालों को कनेक्शन दे दिया गया है। जिससे ट्रंसफार्मरों पर क्षमता से अधिक भार है और वे आए दिन खराब हो रहे है। इसके अलावा कई लोगों को अवैध कनेक्शन भी दे दिए गए हैं। वहीं उपखंड अधिकारी (एसडीओ) मनोज कुमार का कहना है कि क्षेत्र में जर्जर बिजली कं खंभे, तार व उपकरण पहले से ही सिरदर्द बने हुए थे, आंधी में कई बिजली के खंभों के टूट जाने से स्थिति और भी खराब हो गई है। जिसकी वजह से कटौती करने की नौबत आ गई है।
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