{"_id":"59d3d0714f1c1b65548b58a4","slug":"91507053681-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेनों का संचालन 15 दिन के लिए ठप, यात्री परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेनों का संचालन 15 दिन के लिए ठप, यात्री परेशान
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र (चोपन)। जिले में पूर्व मध्य रेल के चोपन स्टेशन से कटनी अप और डाउन चोपन, इलाहाबाद अप डाउन चोपन, शक्तिनगर अप डाउन पैसेंजर ट्रेनों का संचालन रेलवे बोर्ड ने 15 दिनों के लिए निरस्त कर दिया है। इससे यात्रियों के समक्ष संकट पैदा हो गया है। इससे यात्री ट्रेन की जगह बस की सेवा लेने के लिए विवश हैं।
चोपन मंडल रेल यातायात प्रबंधक अमरेश कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार के आदेशानुसार रेलवे बोर्ड के आदेशों का अनुपालन में ट्रेनों को निरस्त किया गया है। उन्होंने बताया कि 15 दिनों के बाद जैसा भी आदेश उच्चाधिकारियों से प्राप्त होगा, वैसी कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें इस बीच ट्रेनों का निरस्तीकरण से आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र में तमाम जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। बड़े पैमाने पर गरीब, आदिवासी इन ट्रेनों से ही आवागमन कर पाते हैं। ऐसे में निरस्तीकरण के फरमान का सीधा असर स्थानीय गरीबों पर पड़ेगा। गौरतलब है कि जिले के पिछड़े इलाके बैरपुर, परसोई, कनहरा, बेलगड़ी, धुरवाह, फफराकुंड, गुलालीडीह, सेमरतर, खाडर, खैराही, नवाटोला, गडापाथर आदि गांवों के लोग इन ट्रेनों में यात्रा करते हैं। ऐसे में इन ट्रेनों का आवागमन ठप होने से आदिवासियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। ट्रेनों का संचालन बंद किये जाने से क्षेत्रीय लोगों में असंतोष है।
विज्ञापन
चोपन मंडल रेल यातायात प्रबंधक अमरेश कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार के आदेशानुसार रेलवे बोर्ड के आदेशों का अनुपालन में ट्रेनों को निरस्त किया गया है। उन्होंने बताया कि 15 दिनों के बाद जैसा भी आदेश उच्चाधिकारियों से प्राप्त होगा, वैसी कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें इस बीच ट्रेनों का निरस्तीकरण से आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र में तमाम जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। बड़े पैमाने पर गरीब, आदिवासी इन ट्रेनों से ही आवागमन कर पाते हैं। ऐसे में निरस्तीकरण के फरमान का सीधा असर स्थानीय गरीबों पर पड़ेगा। गौरतलब है कि जिले के पिछड़े इलाके बैरपुर, परसोई, कनहरा, बेलगड़ी, धुरवाह, फफराकुंड, गुलालीडीह, सेमरतर, खाडर, खैराही, नवाटोला, गडापाथर आदि गांवों के लोग इन ट्रेनों में यात्रा करते हैं। ऐसे में इन ट्रेनों का आवागमन ठप होने से आदिवासियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। ट्रेनों का संचालन बंद किये जाने से क्षेत्रीय लोगों में असंतोष है।
विज्ञापन