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डायरिया की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:16 PM IST
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रेणुकूट। पिपरी थाना क्षेत्र के पाटी गांव में डायरिया ने पांव पसार लिया है। सोमवार को उल्टी-दस्त से भगवंती (32) और शिवकुमारी (25) की मौत हो गई। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। अभी भी दर्जन भर से अधिक लोग बीमार है। गांव में कैंप कर स्वास्थ्य कर्मी रोगियों का उपचार कर रहे हैं। कइयों की हालत गंभीर बनी हुई है।
दो दिनों से पाटी गांव के ग्रामीण डायरिया की चपेट में है। क्षेत्रीय झोलाछाप डॉक्टर से ग्रामीण उपचार करा रहे थे। सोमवार की दोपहर बाद भगवंती एवं शिवकुमारी को उल्टी-दस्त शुरू होने लगा। घरवाले घरेलू उपचार करने के साथ ही दोनों को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उनकी मौत हो गई। वहीं देखते ही देखते कइयों की हालत गंभीर हो गई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकेवल यादव ने स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी दी। गांव में म्योरपुर सीएचसी के डॉ. फिरोज के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने पीड़ितों का दवा-इलाज करना शुरू किया। डॉक्टर फिरोज ने बताया कि 62 लोगों का उपचार किया गया है। हालत गंभीर होने पर रामराज (25), अयोध्या (65) और रूपा को (12) को सीएचसी म्योरपुर में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को क्लोरिन की गोली वितरित करने के साथ ही ब्लीचिंग पाउडर कूपों में डाला गया। प्रधान पति रामभगत यादव ने बताया कि गांव में बीते कुछ दिनों से उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से ही दवा-इलाज कराते रहे। इसी का नतीजा रहा कि पाटी गांव के बोदरहवा टोला निवासी दो महिलाओं की मौत हो गई। एसीएमओ डॉ. डीके सिंह ने कहा कि पाटी गांव में स्वास्थ्य टीम रोगियों का उपचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जो पानी का सेवन कर रहे है वह पीने योग्य नहीं है। प्रधान से टैंकर से शुद्ध पेयजलापूर्ति कराने के लिए संपर्क किया जा रहा है। कहा कि दूषित पानी का सेवन करने से लोग बीमार हो रहे है।
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दो दिनों से पाटी गांव के ग्रामीण डायरिया की चपेट में है। क्षेत्रीय झोलाछाप डॉक्टर से ग्रामीण उपचार करा रहे थे। सोमवार की दोपहर बाद भगवंती एवं शिवकुमारी को उल्टी-दस्त शुरू होने लगा। घरवाले घरेलू उपचार करने के साथ ही दोनों को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उनकी मौत हो गई। वहीं देखते ही देखते कइयों की हालत गंभीर हो गई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकेवल यादव ने स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी दी। गांव में म्योरपुर सीएचसी के डॉ. फिरोज के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने पीड़ितों का दवा-इलाज करना शुरू किया। डॉक्टर फिरोज ने बताया कि 62 लोगों का उपचार किया गया है। हालत गंभीर होने पर रामराज (25), अयोध्या (65) और रूपा को (12) को सीएचसी म्योरपुर में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को क्लोरिन की गोली वितरित करने के साथ ही ब्लीचिंग पाउडर कूपों में डाला गया। प्रधान पति रामभगत यादव ने बताया कि गांव में बीते कुछ दिनों से उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से ही दवा-इलाज कराते रहे। इसी का नतीजा रहा कि पाटी गांव के बोदरहवा टोला निवासी दो महिलाओं की मौत हो गई। एसीएमओ डॉ. डीके सिंह ने कहा कि पाटी गांव में स्वास्थ्य टीम रोगियों का उपचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जो पानी का सेवन कर रहे है वह पीने योग्य नहीं है। प्रधान से टैंकर से शुद्ध पेयजलापूर्ति कराने के लिए संपर्क किया जा रहा है। कहा कि दूषित पानी का सेवन करने से लोग बीमार हो रहे है।
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