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पट्टाधारकों द्वारा विक्रय की गई भूमि की शुरू हुई जांच
Updated Wed, 10 Oct 2018 10:56 PM IST
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सोनभद्र। कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी गांव के 94 पट्टाधारकों ने पट्टे की जमीन बेच दी है। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने पट्टाधारकों का पट्टा निरस्त करने के लिए निगरानी रिपोर्ट न्यायालय आयुक्त विंध्याचल मंडल मिर्जापुर को भेजी थी। न्यायालय अपर आयुक्त प्रशासनिक आयुक्त विंध्याचल मंडल ने निगरानी रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए अवर न्यायालय को गुणदोष के आधार पर आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। इससे पट्टाधारकों एवं उनकी भूमि क्रय करने वालों में खलबली मच गई है।
बता दें कि वर्ष 2015 में डीएम ने निगरानी के आधार पर न्यायालय आयुक्त विंध्याचल मंडल मिर्जापुर को अवर न्यायालय की पत्रावली तलब कर 29 मई 2013 कर 94 पट्टाधारकों का पट्टा निरस्त करने के लिए रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में डीएम ने लिखा है बताया गया कि पट्टाशुदा भूमि मौके पर कृषि योग्य नहीं है। बल्कि समस्त पट्टाशुदा भूमि पथरीली और अकृषि योग्य है। इस नाते पट्टाधारकों ने कभी भी पट्टाशुदा भूमि पर कब्जा कर कृषि कार्य नहीं किया है। ऐसे पट्टाधारकों की पट्टा निरस्त करने की संस्तुति की गई थी। 29 अप्रैल 2017 को सूर्यमणि लालचंद्र अपर आयुक्त प्रशासनिक विंध्याचल मंडल मीरजापुर ने निगरानी स्वीकार करते हुए अवर न्यायालय की ओर से पारित आदेश निरस्त कर दिया। बाद में आवश्यक कार्यवाही इस न्यायालय की प्रत्रावली संचित अभिलेखागार हो।
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शासनादेश का उल्लंघन कर जिन लोगों ने पट्टे की भूमि विक्रय की है या जिन्होंने जमीन खरीदी है उनका बैनामा निरस्त किया जाएगा। मामले की जांच और सुनवाई गहनता से कराई जा रही है।
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उमाकांत त्रिपाठी
अपर जिलाधिकारी
सोनभद्र