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बाबा कीनाराम ने पाटी भेदभाव की खाईं
Updated Sat, 08 Sep 2018 10:52 PM IST
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सोनभद्र। संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को संत कीनाराम का प्राकट्य दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि बाबा कीनाराम मानवता के पुजारी थे। कहा कि जब-जब हमारा देश संक्रमण के दौर से गुजरा है। तब-तब संत महात्माओं ने रहनुुमाई करके इंसान और इंसानियत की रक्षा की है। संत कीनाराम ऐसे ही महान संत थे जिन्होंने समाज में इंसानियत और मानवता का संदेश देकर लोगों के बीच बढ़ रही भेदभाव की खाईं को पाटने का काम किया।
अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल सिंह ने कहा कि संत कीनाराम अवतारी पुरुष थे। चंदौली जिले के रामगढ़ में सोलहवीं शताब्दी के प्रारंभ में अवतरित हुए बाबा कीनाराम ने समाज में फैल रही कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और मानवता का संदेश देकर लोगों में भाईचारा बढ़ाने का काम किया। इससे पूर्व बाबा कीनाराम और सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर डॉ. सुषमा सिंह, अंकित सिंह, गोपाल सिंह, देवेंद्र लाल, सरोज सिंह, मनोज श्रीवास्तव, नमिता सिंह, पूजा शुक्ला, चंद्रकला, कृष्णा सिंह आदि रहे।
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अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल सिंह ने कहा कि संत कीनाराम अवतारी पुरुष थे। चंदौली जिले के रामगढ़ में सोलहवीं शताब्दी के प्रारंभ में अवतरित हुए बाबा कीनाराम ने समाज में फैल रही कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और मानवता का संदेश देकर लोगों में भाईचारा बढ़ाने का काम किया। इससे पूर्व बाबा कीनाराम और सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर डॉ. सुषमा सिंह, अंकित सिंह, गोपाल सिंह, देवेंद्र लाल, सरोज सिंह, मनोज श्रीवास्तव, नमिता सिंह, पूजा शुक्ला, चंद्रकला, कृष्णा सिंह आदि रहे।
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