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कोल यार्ड में लगी आग बुझाने की नहीं फिक्र
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:12 PM IST
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अनपरा। बीना स्थित एक कोल यार्ड में सात दिन से लगी आग को बुझाने की कोशिश नहीं की जा रही है। एनसीएल प्रबंधन इस मामले में कोई ध्यान नहीं दे रहा। कोल यार्ड से उठता धुंआ प्रदूषण फैला रहा है लेकिन आग नहीं बुझाई जा रही है
एनसीएल बीना परियोजना एसआरटी रेलवे कोल यार्ड में सात दिन पहले अचानक आग लगी है। कोयला के ढेर से धुंआ उठ रहा है लेकिन उसे बुझाने की कोई फिक्र नहीं है। लोगों ने इसकी शिकायत एनसीएल प्रशासन से की है। रामकेश, हरिहर राम, कुंदन आदि का कहना है कि कोयला सुलग रहा है और किसी भी दिन आग का गोला बन सकता है। आग बुझाने में एनसीएल प्रबंधन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो हजारों टन कोयला जलकर राख में बदल जाएगा। गर्मी शुरू होते ही कोयले में रहस्यमय हाल में आग लग जाती है। जिससे कई टन कोयला जलकर नष्ट हो जाता है। हर बार प्रबंधन आग बुझाने में नाकाम साबित हो जाता है।
सूत्रों के अनुसार स्टाक में हेरफेरी करने के लिए भी कुछ कर्मचारियों द्वारा कोयला में आग लगा दी जाती है और कागज पर दिखा दिया जाता है कि कई टन कोयला जल गया जबकि ऐेसा होता नहीं है। सिर्फ स्टाक में हेराफेरी की नियत से कोयले के ढेर में आग लगा दी जाती है।
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एनसीएल बीना परियोजना एसआरटी रेलवे कोल यार्ड में सात दिन पहले अचानक आग लगी है। कोयला के ढेर से धुंआ उठ रहा है लेकिन उसे बुझाने की कोई फिक्र नहीं है। लोगों ने इसकी शिकायत एनसीएल प्रशासन से की है। रामकेश, हरिहर राम, कुंदन आदि का कहना है कि कोयला सुलग रहा है और किसी भी दिन आग का गोला बन सकता है। आग बुझाने में एनसीएल प्रबंधन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो हजारों टन कोयला जलकर राख में बदल जाएगा। गर्मी शुरू होते ही कोयले में रहस्यमय हाल में आग लग जाती है। जिससे कई टन कोयला जलकर नष्ट हो जाता है। हर बार प्रबंधन आग बुझाने में नाकाम साबित हो जाता है।
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सूत्रों के अनुसार स्टाक में हेरफेरी करने के लिए भी कुछ कर्मचारियों द्वारा कोयला में आग लगा दी जाती है और कागज पर दिखा दिया जाता है कि कई टन कोयला जल गया जबकि ऐेसा होता नहीं है। सिर्फ स्टाक में हेराफेरी की नियत से कोयले के ढेर में आग लगा दी जाती है।
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