{"_id":"5aeb48154f1c1b54098b7d67","slug":"71525368853-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम आवास की धीमी प्रगति पर पीडी पर कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम आवास की धीमी प्रगति पर पीडी पर कार्रवाई
Updated Thu, 03 May 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। जिले में प्रधानमंत्री आवास के निर्माण में धीमी प्रगति पर शासन ने परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य एवं विकास अभिकरण (डीआरडीए) डॉ. एनएन मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्हें लखनऊ से संबद्घ कर दिया है। जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि पीडी को तत्काल कार्यमुक्त कर दिया गया है।
जिले में ग्रामीण स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत वर्ष 2016-17 व 2017-18 में 22470 आवासों का निर्माण कराया जाना था। लेकिन निर्माण की गति काफी धीमी थी। प्रत्येक लाभार्थी का आवास बनाने के लिए एक लाख तीस हजार रुपये तीन किश्तों में दिया जा रहा है। प्रथम किश्त 44 हजार, दूसरी किश्त 76 हजार और तीसरी किश्त दस हजार देना है। इसके अलावा सरकार ने प्रत्येक लाभार्थी को मनरेगा के तहत 95 दिन की मजदूरी आवास का निर्माण कार्य कराने के लिए देती है। लेकिन ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरियों की लापरवाही से फरवही माह तक करीब 3473 आवासों का ही निर्माण पूर्ण हो सका था। शासन स्तर पर इसको लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई और आवासों के निर्माण का कार्य जल्द पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया था। पिछले माह जब शासन स्तर पर प्रदेश में आवासों के निर्माण की समीक्षा हुई तब भी सोनभद्र की प्रगति काफी बदतर थी। अधिकारियों ने आवास निर्माण को लेकर पेंच भी कसा लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। अब तक आवास के निर्माण पूर्ण नहीं हो सके। इस पर शासन ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक पर गुरुवार को कार्रवाई कर दी। डीएम अमित कुमार सिंह ने बताया कि शासन ने प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण में धीमी प्रगति के नाते परियोजना निदेशक को तत्काल प्रभाव से लखनऊ से संबद्घ कर दिया है। उन्होंने पीडी को तत्काल कार्यमुक्त भी कर दिया है।
विज्ञापन
जिले में ग्रामीण स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत वर्ष 2016-17 व 2017-18 में 22470 आवासों का निर्माण कराया जाना था। लेकिन निर्माण की गति काफी धीमी थी। प्रत्येक लाभार्थी का आवास बनाने के लिए एक लाख तीस हजार रुपये तीन किश्तों में दिया जा रहा है। प्रथम किश्त 44 हजार, दूसरी किश्त 76 हजार और तीसरी किश्त दस हजार देना है। इसके अलावा सरकार ने प्रत्येक लाभार्थी को मनरेगा के तहत 95 दिन की मजदूरी आवास का निर्माण कार्य कराने के लिए देती है। लेकिन ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरियों की लापरवाही से फरवही माह तक करीब 3473 आवासों का ही निर्माण पूर्ण हो सका था। शासन स्तर पर इसको लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई और आवासों के निर्माण का कार्य जल्द पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया था। पिछले माह जब शासन स्तर पर प्रदेश में आवासों के निर्माण की समीक्षा हुई तब भी सोनभद्र की प्रगति काफी बदतर थी। अधिकारियों ने आवास निर्माण को लेकर पेंच भी कसा लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। अब तक आवास के निर्माण पूर्ण नहीं हो सके। इस पर शासन ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक पर गुरुवार को कार्रवाई कर दी। डीएम अमित कुमार सिंह ने बताया कि शासन ने प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण में धीमी प्रगति के नाते परियोजना निदेशक को तत्काल प्रभाव से लखनऊ से संबद्घ कर दिया है। उन्होंने पीडी को तत्काल कार्यमुक्त भी कर दिया है।
विज्ञापन