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Sonebhadra News: 15 दिन में 71 स्कूल वाहनों का चालान, 5 सीज
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जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त हो गया है। शासन के निर्देश पर एक से 15 जुलाई तक चलाए गए विशेष अभियान में 71 स्कूली वाहनों का चालान किया गया। नियमों की अनदेखी करने वाले पांच वाहनों को सीज कर दिया गया।
एआरटीओ राजेश्वर यादव के नेतृत्व में चले इस अभियान के दौरान जनपद में पंजीकृत कुल 436 स्कूल बसों में से 201 की जांच की गई। जांच में 29 वाहन ऐसे पाए गए जो बगैर फिटनेस के संचालन कर रहे थे।
इनमें से 12 वाहनों ने मौके पर ही फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाया, लेकिन अब भी 17 वाहन अनफिट पाए गए हैं। विभाग ने इन वाहनों के संचालकों को पूर्व में नोटिस देकर सूचित किया था। इसके बावजूद सुधार नहीं करने पर अब इनका पंजीयन निलंबित किया जाएगा।
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एआरटीओ राजेश्वर यादव ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि स्कूल वाहन संचालक नियमों की अनदेखी करेंगे, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इमरजेंसी गेट नहीं खुले, मेडिकल किट भी अधूरी
पीटीओ मनोज कुमार ने बताया कि रॉबर्ट्सगंज, रामगढ़, घोरावल, चोपन, ओबरा, रेणुकूट, अनपरा, शक्तिनगर, दुद्धी और विंढमगंज क्षेत्रों में स्कूली बसों की सघन जांच की गई। इस दौरान अधिकांश बसों के इमरजेंसी गेट खुलने योग्य नहीं मिले, वहीं कई बसों में मेडिकल किट भी पूरी नहीं पाई गई। उन्होंने विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से अपील की कि अपने विद्यालयों में संचालित सभी वाहनों के दस्तावेज पूरे करवाएं और फिटनेस प्रमाणपत्र समय से बनवाएं। अन्यथा जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।
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एआरटीओ राजेश्वर यादव के नेतृत्व में चले इस अभियान के दौरान जनपद में पंजीकृत कुल 436 स्कूल बसों में से 201 की जांच की गई। जांच में 29 वाहन ऐसे पाए गए जो बगैर फिटनेस के संचालन कर रहे थे।
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इनमें से 12 वाहनों ने मौके पर ही फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाया, लेकिन अब भी 17 वाहन अनफिट पाए गए हैं। विभाग ने इन वाहनों के संचालकों को पूर्व में नोटिस देकर सूचित किया था। इसके बावजूद सुधार नहीं करने पर अब इनका पंजीयन निलंबित किया जाएगा।
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एआरटीओ राजेश्वर यादव ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि स्कूल वाहन संचालक नियमों की अनदेखी करेंगे, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इमरजेंसी गेट नहीं खुले, मेडिकल किट भी अधूरी
पीटीओ मनोज कुमार ने बताया कि रॉबर्ट्सगंज, रामगढ़, घोरावल, चोपन, ओबरा, रेणुकूट, अनपरा, शक्तिनगर, दुद्धी और विंढमगंज क्षेत्रों में स्कूली बसों की सघन जांच की गई। इस दौरान अधिकांश बसों के इमरजेंसी गेट खुलने योग्य नहीं मिले, वहीं कई बसों में मेडिकल किट भी पूरी नहीं पाई गई। उन्होंने विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से अपील की कि अपने विद्यालयों में संचालित सभी वाहनों के दस्तावेज पूरे करवाएं और फिटनेस प्रमाणपत्र समय से बनवाएं। अन्यथा जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।