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किसानों का पिछड़ापन दूर करने को शुरू हुई पहल
Updated Tue, 25 Sep 2018 01:06 AM IST
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सोनभद्र। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की कार्ययोजना संबंधी बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें जिले को पिछड़ेपन की श्रेणी से विकसित श्रेणी में लाने के लिए किसानों की आय सहकारी समितियों के जरिए बढ़ाने पर चर्चा हुई। समितियों का विकास कराने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि योजना के तहत नये गोदाम की स्थापना, पुराने गोदामों की मरम्मत तथा नये समितियां बनायी जानी है। उसका डीपीआर जल्द से जल्द तैयार करें, जिसमें 50 प्रतिशत ऋण का ब्याज देना होगा। 30 प्रतिशत धन का मूल धन, 20 प्रतिशत सरकार से अनुदान दिया जायेगा। इसमें किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कृषि, रेशम, औषधि, कीटनाशक यंत्र, कपड़े, मिनी कोल्ड स्टोर, राईस मिल, क्षेत्रीय उत्पाद के कारोबार करने के बारे में कार्य योजना बनाया जाय। निदेशक, एनसीडीसी अतुल कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को विकसित करने के लिए सहकारी समिति के जरिए कार्य कर रही है। इसके तहत किसानों को ऋण मुहैया कराया जाएगा। इसमें समें 50 प्रतिशत का ब्याज आठ सालों में देना होगा, 30 प्रतिशत मूलधन, 20 प्रतिशत का अनुदान देय होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश सिंह पटेल ने भी कई सुझाव दिये। जिला सहकारी समिति के अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को लाभकारी बताया और अपने बहुमूल्य दिशा-निर्देष व सुझाव भी दिया । इस दौरान कार्यकारी निदेशक एनसीडीसी कृष्णानंद चौधरी, सहायक निदेशक एनसीडीसी सुरेंद्र कुमार सुमन, क्षेत्रीय निदेशक, एनसीडीसी लखनऊ सुधांशुु शर्मा, एआर कोऑपरेटिव टीएन राय आदि रहे।
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जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि योजना के तहत नये गोदाम की स्थापना, पुराने गोदामों की मरम्मत तथा नये समितियां बनायी जानी है। उसका डीपीआर जल्द से जल्द तैयार करें, जिसमें 50 प्रतिशत ऋण का ब्याज देना होगा। 30 प्रतिशत धन का मूल धन, 20 प्रतिशत सरकार से अनुदान दिया जायेगा। इसमें किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कृषि, रेशम, औषधि, कीटनाशक यंत्र, कपड़े, मिनी कोल्ड स्टोर, राईस मिल, क्षेत्रीय उत्पाद के कारोबार करने के बारे में कार्य योजना बनाया जाय। निदेशक, एनसीडीसी अतुल कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को विकसित करने के लिए सहकारी समिति के जरिए कार्य कर रही है। इसके तहत किसानों को ऋण मुहैया कराया जाएगा। इसमें समें 50 प्रतिशत का ब्याज आठ सालों में देना होगा, 30 प्रतिशत मूलधन, 20 प्रतिशत का अनुदान देय होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश सिंह पटेल ने भी कई सुझाव दिये। जिला सहकारी समिति के अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को लाभकारी बताया और अपने बहुमूल्य दिशा-निर्देष व सुझाव भी दिया । इस दौरान कार्यकारी निदेशक एनसीडीसी कृष्णानंद चौधरी, सहायक निदेशक एनसीडीसी सुरेंद्र कुमार सुमन, क्षेत्रीय निदेशक, एनसीडीसी लखनऊ सुधांशुु शर्मा, एआर कोऑपरेटिव टीएन राय आदि रहे।
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