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जरूरतमंद भटक रहे, आवासों में है अवैध कब्जा

Wed, 06 Jun 2018 11:24 PM IST
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:24 PM IST
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जरूरतमंद भटक रहे, आवासों में है अवैध कब्जा
सोनभद्र। जिले में कांशीराम आवासों पर अवैध कब्जा है। जरूरतमंद आवास के लिए भटक रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। मंगलवार को ओबरा गजराजनगर के विजय भटनागर के डीएम कार्यालय के छत से कूदने के मामले ने आवास आवंटन के लिए जिम्मेदार डूडा के अफसर वीके निगम के कार्य प्रणाली को सवालों के घेर में खड़ा कर दिया है।
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यूपी में मुख्यमंत्री रहीं मायावती के शासन काल में शहरी गरीबों के लिए कांशीराम शहरी आवास योजना शुरू हुई थी। तब सैकड़ों लोगों को आवास आवंटित किया गया। फिर सपा सरकार आई। सपा सरकार में 158 गरीबों को कांशीराम आवास आवंटित किया गया था। जब भाजपा सरकार आई तो कुछ माह पूर्व रहे यहां डीएम रहे पीके उपाध्याय ने जांच कराने के बाद 98 आवासों का आवंटन निरस्त करा दिया था। इसके बाद भी खाली पड़े आवासों में तमाम लोग कब्जा कर रह रहे थे। तमाम जरूरतमंद डूडा में आवास आवंटन के लिए आवेदन भी किए लेकिन मनमानी तरीके से लोगों को आवास आवंटित कर दिया गया। राबर्ट्सगंज नगर पालिका क्षेत्र के घुआस कालोनी के निवासी दिव्यांग जर्नादन शर्मा ने 22 अगस्त 2017 को तत्कालीन डीएम को आवास आवंटन के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। नेत्रहीन जर्नादन शर्मा की हालत देखकर डीएम ने एसडीएम और पीओ डूडा को जांच में जर्नादन का नाम शामिल करने के निर्देश दिए थे। लेखपाल से लेकर एसडीएम तक की रिपोर्ट डूडा कार्यालय में पहुंच गई। मगर आज तक आवास नहीं मिला। फिर 25 अप्रैल को डीएम अमित कुमार सिंह को आवदेन दिया मगर उसे आवास नहीं मिल सका। बुधवार को ओबरा के गजराजनगर निवासी विजय भटनागर ने तो आवास आवंटन पर आत्महत्या तक का प्रयास किया और डीएम कार्यालय के छत पर से ही छलांग लगा दिया। इससे डूडा कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगा है।
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एडीएम की जांच में मिली थी गड़बड़ी
पिछले साल डूडा में गोलमाल को लेकर एडीएम उमाकांत त्रिपाठी की जांच में कई गड़बड़ी सामने आई थी। पता चला कि पीओ डूडा वीके निगम जहां के रहने वाले हैं वहीं की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को ज्यादातर ठेकों में सामानों की आपूर्ति के कार्य दे दिए गए। डूडा में कानपुर का पूरा दबदबा था। डूडा के पीओ वीके निगम को बचाने के लिए जांच के बाद अफसरों की तिकड़ी ने एडीएम उमाकांत त्रिपाठी से प्रभारी अधिकारी डूडा का चार्ज हटवा दिया। उस समय यह चार्ज सीडीओ रहे रामाश्रय को दे दिया गया। इसके पूर्व नगर पालिका के तत्कालीन चेयरमैन कृष्ण मुुरारी गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी सहित कांशीराम आवास के लोगों ने पीओ डूडा पर गंभीर आरोप लगाए थे। आवास आवंटन में गड़बड़ी को लेकर भाजपा के लोग दो दिनों तक डीएम कार्यालय के बाहर धरना दिए थे। महिलाओं ने आरोप लगाया था कि आवास देने के नाम पर उन लोगों से डूडा के लोग रुपए मांगते हैं मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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