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बिना पंजीयन 60 नीम हकीम कर रहे इलाज
Updated Sat, 23 Sep 2017 12:11 AM IST
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अनपरा/बीजपुर । जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटीलेटर पर है। इसी का फायदा नीम हकीम उठा रहे हैं। स्वास्थ्य महकमा ग्रामीणों के आक्रोश या फिर ऐेसे अस्पतालों में घटना के बाद जागता है जबकि सच्चाई यह है कि हर शहर, हर गांव में नीम हकीम दुकान खोले बैठे हैं।
बीजपुर के बकरिहवां गांव में बिना नाम व पंजीयन के संचालित हो रहे नर्सिंग होम को मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को सील कर दिया गया। यह तो गनीमत था कि जिस दिन ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सीएमओ से की वे खुद ऊर्जांचल के दौरे पर थे और तत्काल कार्रवाई हो गई। सच्चाई यह है कि दुद्धी तहसील क्षेत्र में नीम हकीमों की भरमार है। अनपरा में ही 60 से अधिक नीम हकीम अपनी दूकान चला रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि कई ऐेसे अस्पतालों में कमीशन के आधार पर सरकारी डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ भी सेवा दे रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह ने बताया कि नीम हकीमों पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई का निर्देश सभी चिकित्सकों को दिया गया है।
सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों के न मिलने पर नीम हकीम के शरण में जाना लोगों की मजबूरी बन गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीजपुर में तैनात चिकित्सक तो ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, जबकि ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी से भी की थी। बीजपुर के प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह कहते हैं कि हर दिन किसी न किसी मामले के आरोपियों का डाक्टरी परीक्षण कराने के लिए अस्पताल जाना पड़ता है लेकिन डॉक्टर ही नहीं मिले।
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बीजपुर के बकरिहवां गांव में बिना नाम व पंजीयन के संचालित हो रहे नर्सिंग होम को मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को सील कर दिया गया। यह तो गनीमत था कि जिस दिन ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सीएमओ से की वे खुद ऊर्जांचल के दौरे पर थे और तत्काल कार्रवाई हो गई। सच्चाई यह है कि दुद्धी तहसील क्षेत्र में नीम हकीमों की भरमार है। अनपरा में ही 60 से अधिक नीम हकीम अपनी दूकान चला रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि कई ऐेसे अस्पतालों में कमीशन के आधार पर सरकारी डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ भी सेवा दे रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह ने बताया कि नीम हकीमों पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई का निर्देश सभी चिकित्सकों को दिया गया है।
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सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों के न मिलने पर नीम हकीम के शरण में जाना लोगों की मजबूरी बन गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीजपुर में तैनात चिकित्सक तो ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, जबकि ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी से भी की थी। बीजपुर के प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह कहते हैं कि हर दिन किसी न किसी मामले के आरोपियों का डाक्टरी परीक्षण कराने के लिए अस्पताल जाना पड़ता है लेकिन डॉक्टर ही नहीं मिले।
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