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विभिन्न मांगों को लेकर रसोइयों ने किया भूख हड़ताल
Updated Thu, 11 Oct 2018 10:32 PM IST
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दुद्धी। भारतीय प्रगतिशील महिला रसोइया संघ से जुड़ी रसोइयों ने बृहस्पतिवार को टाउन क्लब के मैदान से जुलूस निकालकर तहसील पर पहुंची। इस दौरान मांगों के समर्थन में रसोइयों ने नारेबाजी भी की। तहसील पर सामूहिक भूख हड़ताल कर धरना दिया। प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे रसोइयों ने प्रदेश अध्यक्ष ममता मौर्या व तहसील अध्यक्ष उषा साहू के नेतृत्व में जुलूस निकाला। तहसील में सभा में प्रदेश अध्यक्ष ममता मौर्या ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन बनाने में कार्यरत रसोइयों के प्रति सरकार गंभीर नही है। महिला, रसोइया विद्यालय में चावल, दाल बिनने, सब्जी काटने, भोजन बनाने, बच्चों को खिलाने, बर्तन साफ करने का कार्य करती हैं। आठ घंटे विद्यालय में रहती हैं। लेकिन सरकार उन्हें इसके बदले सिर्फ एक हजार रुपये ही मानदेय देती है। उन्होंने दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने, प्रतिवर्ष नवीनीकरण की प्रथा बंद करने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। तहसील अध्यक्ष उषा साहू, सचिव फुलविना ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, यह आंदोलन चलता रहेगा। दुद्धी जिला बनाओं सघर्ष समिति के सचिव प्रभु सिंह कुशवाहा ने कहा कि विद्यालयों में कड़ी मेहनत कर रही रसोइयों को उनका हक दिया जाना चाहिए। धरना स्थल पर पहुंचे विधायक हरीराम चेरो को भी संघ ने ज्ञापन सौंपा। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम संबोधित सात सूत्री मांगपत्र एसडीएम को सौंपा। धरना में उषा गुप्ता, गायत्री, ज्ञानती, फुलविना, चंपा, विभा, सुनीता, अनारो देवी, लीलावती, निर्मला, उर्मिला, राजकुमारी, दुर्गा देवी, निर्मला देवी, अनीता सिंह, फुलवा देवी, लालती, इंदु देवी, विद्यावती देवी, देवपाती, कबीला देवी, शांति मौजूद रहीं।
दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे रसोइयों ने प्रदेश अध्यक्ष ममता मौर्या व तहसील अध्यक्ष उषा साहू के नेतृत्व में जुलूस निकाला। तहसील में सभा में प्रदेश अध्यक्ष ममता मौर्या ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन बनाने में कार्यरत रसोइयों के प्रति सरकार गंभीर नही है। महिला, रसोइया विद्यालय में चावल, दाल बिनने, सब्जी काटने, भोजन बनाने, बच्चों को खिलाने, बर्तन साफ करने का कार्य करती हैं। आठ घंटे विद्यालय में रहती हैं। लेकिन सरकार उन्हें इसके बदले सिर्फ एक हजार रुपये ही मानदेय देती है। उन्होंने दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने, प्रतिवर्ष नवीनीकरण की प्रथा बंद करने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। तहसील अध्यक्ष उषा साहू, सचिव फुलविना ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, यह आंदोलन चलता रहेगा। दुद्धी जिला बनाओं सघर्ष समिति के सचिव प्रभु सिंह कुशवाहा ने कहा कि विद्यालयों में कड़ी मेहनत कर रही रसोइयों को उनका हक दिया जाना चाहिए। धरना स्थल पर पहुंचे विधायक हरीराम चेरो को भी संघ ने ज्ञापन सौंपा। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम संबोधित सात सूत्री मांगपत्र एसडीएम को सौंपा। धरना में उषा गुप्ता, गायत्री, ज्ञानती, फुलविना, चंपा, विभा, सुनीता, अनारो देवी, लीलावती, निर्मला, उर्मिला, राजकुमारी, दुर्गा देवी, निर्मला देवी, अनीता सिंह, फुलवा देवी, लालती, इंदु देवी, विद्यावती देवी, देवपाती, कबीला देवी, शांति मौजूद रहीं।
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