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वितविहीन शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर किया धरना-प्रदर्शन
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:07 PM IST
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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश वित्त विहीन शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। मानदेय की अब तक स्पष्ट घोषणा न होने पर नाराजगी जाहिर की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। धरना देकर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी मानदेय देने की मांग उठाई गई।
धरना सभा में जिलाध्यक्ष डा. विजेंद्र सिंह ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय की अभी तक स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है। शिक्षकों में उहापोह की स्थिति है। पिछली सरकार ने जो मानदेय दिया था, वह अत्यन्त कम है। उससे जीविकोपार्जन नहीं हो सकता। वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय देने की मांग को लेकर पूर्व में भी कई बार धरना- प्रदर्शन हो चुका है लेकिन शिक्षकों की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों की नियमावली अब तक नहीं बनी है। जबकि वित्त विहीन शिक्षक पठन-पाठन से लेकर परीक्षा मूल्यांकन तथा खेलकूद आदि में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। महामंत्री संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि मानदेय की दूसरी किश्त अविलंब जारी किया जाए। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भी मानदेय दिया जाए। अब तक के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को भी मानदेय का लाभ मिलना चाहिए। प्रदर्शन में सतीश कुमार सिंह, बीएन यादव, उमाशंकर विश्वकर्मा, अनिल सिंह, सुरेश सिंह यादव, हरिशंकर मिश्रा, रामकीर्ति सिंह चौहान, महेंद्र सिंह, सुनील सिंह, विनोद यादव, सूर्यबली, आशीष सिंह, केपी मौर्य मौजूद रहे।
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धरना सभा में जिलाध्यक्ष डा. विजेंद्र सिंह ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय की अभी तक स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है। शिक्षकों में उहापोह की स्थिति है। पिछली सरकार ने जो मानदेय दिया था, वह अत्यन्त कम है। उससे जीविकोपार्जन नहीं हो सकता। वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय देने की मांग को लेकर पूर्व में भी कई बार धरना- प्रदर्शन हो चुका है लेकिन शिक्षकों की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों की नियमावली अब तक नहीं बनी है। जबकि वित्त विहीन शिक्षक पठन-पाठन से लेकर परीक्षा मूल्यांकन तथा खेलकूद आदि में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। महामंत्री संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि मानदेय की दूसरी किश्त अविलंब जारी किया जाए। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भी मानदेय दिया जाए। अब तक के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को भी मानदेय का लाभ मिलना चाहिए। प्रदर्शन में सतीश कुमार सिंह, बीएन यादव, उमाशंकर विश्वकर्मा, अनिल सिंह, सुरेश सिंह यादव, हरिशंकर मिश्रा, रामकीर्ति सिंह चौहान, महेंद्र सिंह, सुनील सिंह, विनोद यादव, सूर्यबली, आशीष सिंह, केपी मौर्य मौजूद रहे।
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