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घोरावल का आईटीआई कालेज नहीं हो सका शुरू
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:56 PM IST
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घोरावल। क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विसुंधरी गांव में स्थापित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) अब तक नहीं संचालित हुआ। इसे करीब ढाई वर्ष पूर्व शुरू हो जाना चाहिए था। यहां प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी यहां से करीब 120 किमी दूर दुद्धी में पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2013 में विसुंधरी में 400 लाख रुपए की लागत से आईटीआई की स्थापना के लिए शिलान्यास हुआ था और वर्ष 2016 में निर्माण पूर्ण हो गया था।
वर्ष 2016 में आईटीआई कालेज में क्लास का संचालन शुरू हो जाना चाहिए था। पिछले ढाई वर्षों से यहां भवन बनकर तैयार है, लेकिन कुछ खामियों के चलते यहां क्लास नही चलती है। यहां के विद्यार्थी यहां से करीब 120 किमी दूर दुद्धी आईटीआई में अपनी कक्षाएं ले रहे हैं। संबंधित विभाग द्वारा दो वर्षों से यही कहा जा रहा है कि इस वर्ष से यहां कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया। इस वर्ष भी यहीं बात कही गई कि जुलाई से आईटीआई शुरू हो जाएगा। लेकिन नतीजा सिफर निकला।
कालेज में वायरिंग, फर्नीचर, पेयजल, खिड़की दरवाजा, बाउंड्रीवाल समेत कुछ छोटी-मोटी खामियों के चलते आईटीआई अधूरा पड़ा है। अभी तक स्टाफ की नियुक्ति भी नही हो सकी है। विसुंधरी के ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार पाल ने बताया कि उन्होंने तकनीकी शिक्षा विभाग, त्कालीन डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आईटीआई के अधूरे कामों को पूरा कराकर शीघ्र चालू कराने की मांग की थी। क्षेत्र के कौशल किशोर मिश्रा, राम अनुज धर द्विवेदी, प्रकाशचंद्र अग्रहरि, बाबूलाल शर्मा का कहना है कि यह आईटीआई घोरावल क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के मामले में मील का पत्थर है। अभी तक इसका संचालन न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर एसडीएम मनिकंडन ए. का कहना है कि आईटीआई में अधूरे कार्यों को पूरा कराने और इसका जल्द संचालन करने के संबंध में वह डीएम को अवगत कराएंगे। जल्द संस्थान का संचालन के लिए वह पूरा प्रयास करेंगे।
वर्ष 2016 में आईटीआई कालेज में क्लास का संचालन शुरू हो जाना चाहिए था। पिछले ढाई वर्षों से यहां भवन बनकर तैयार है, लेकिन कुछ खामियों के चलते यहां क्लास नही चलती है। यहां के विद्यार्थी यहां से करीब 120 किमी दूर दुद्धी आईटीआई में अपनी कक्षाएं ले रहे हैं। संबंधित विभाग द्वारा दो वर्षों से यही कहा जा रहा है कि इस वर्ष से यहां कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया। इस वर्ष भी यहीं बात कही गई कि जुलाई से आईटीआई शुरू हो जाएगा। लेकिन नतीजा सिफर निकला।
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कालेज में वायरिंग, फर्नीचर, पेयजल, खिड़की दरवाजा, बाउंड्रीवाल समेत कुछ छोटी-मोटी खामियों के चलते आईटीआई अधूरा पड़ा है। अभी तक स्टाफ की नियुक्ति भी नही हो सकी है। विसुंधरी के ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार पाल ने बताया कि उन्होंने तकनीकी शिक्षा विभाग, त्कालीन डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आईटीआई के अधूरे कामों को पूरा कराकर शीघ्र चालू कराने की मांग की थी। क्षेत्र के कौशल किशोर मिश्रा, राम अनुज धर द्विवेदी, प्रकाशचंद्र अग्रहरि, बाबूलाल शर्मा का कहना है कि यह आईटीआई घोरावल क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के मामले में मील का पत्थर है। अभी तक इसका संचालन न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर एसडीएम मनिकंडन ए. का कहना है कि आईटीआई में अधूरे कार्यों को पूरा कराने और इसका जल्द संचालन करने के संबंध में वह डीएम को अवगत कराएंगे। जल्द संस्थान का संचालन के लिए वह पूरा प्रयास करेंगे।
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