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1250 गांवों में मच्छररोधी दवाओं का नहीं हुआ छिड़काव
Updated Mon, 26 Nov 2018 11:47 PM IST
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सोनभद्र। जिले के 1437 गांवों में से 1250 गांवों में मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव नहीं हो सका है। जबकि दवाओं का छिड़काव, साफ-सफाई आदि का कार्य कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम पंचायतों को दस-दस हजार भेज दिया है। सीएमओ ने आशाओं को दवाओं का छिड़काव करवा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य विभाग ग्राम पंचायतों को दस-दस हजार रुपये गांवों में मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव, साफ-सफाई आदि कार्य कराने के लिए देता है। वर्ष 2018 में विभाग ने जिले के आठों ब्लॉकों के 637 ग्राम पंचायतों को 63 लाख 70 हजार आवांटित किया है। प्रत्येक ग्राम पंचायतों दस-दस हजार दिया गया है। लेकिन अभी तक 20 प्रतिशत गांवों में भी दवा का छिड़काव नहीं हुआ है। कई गांवों में कागजों पर दवा का छिड़काव कर सरकारी धन हजम कर लिया गया है जबकि दवा का छिड़काव न होने से मच्छरों की भरमार हो गई है। मच्छरों के काटने से लोगों को मलेरिया समेत अन्य गंभीर बीमारी हो रही है। जबकि इससे ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए पूर्व में दवाओं का छिड़काव कराने की मांग को लेकर सपा, भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी समेत अन्य राजनैतिक दल एवं ग्रामीण सीएमओ को मांगपत्र सौंप चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि प्रधान और आशा के संयुक्त सभी ग्राम स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के खाते में दस-दस हजार भेजा चुका है। कई ग्राम पंचायतों में दवा का छिड़काव न कराने की शिकायत प्राप्त हुई है। सभी आशाओं को अविलंब दवा का छिड़काव समेत अन्य कार्य कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। दवा का छिड़काव कराने के नाम पर धन का बंदरबाट करने की पुष्टि होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य विभाग ग्राम पंचायतों को दस-दस हजार रुपये गांवों में मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव, साफ-सफाई आदि कार्य कराने के लिए देता है। वर्ष 2018 में विभाग ने जिले के आठों ब्लॉकों के 637 ग्राम पंचायतों को 63 लाख 70 हजार आवांटित किया है। प्रत्येक ग्राम पंचायतों दस-दस हजार दिया गया है। लेकिन अभी तक 20 प्रतिशत गांवों में भी दवा का छिड़काव नहीं हुआ है। कई गांवों में कागजों पर दवा का छिड़काव कर सरकारी धन हजम कर लिया गया है जबकि दवा का छिड़काव न होने से मच्छरों की भरमार हो गई है। मच्छरों के काटने से लोगों को मलेरिया समेत अन्य गंभीर बीमारी हो रही है। जबकि इससे ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए पूर्व में दवाओं का छिड़काव कराने की मांग को लेकर सपा, भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी समेत अन्य राजनैतिक दल एवं ग्रामीण सीएमओ को मांगपत्र सौंप चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि प्रधान और आशा के संयुक्त सभी ग्राम स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के खाते में दस-दस हजार भेजा चुका है। कई ग्राम पंचायतों में दवा का छिड़काव न कराने की शिकायत प्राप्त हुई है। सभी आशाओं को अविलंब दवा का छिड़काव समेत अन्य कार्य कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। दवा का छिड़काव कराने के नाम पर धन का बंदरबाट करने की पुष्टि होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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