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किसान मित्र बहाल नहीं हुए तो होगा आंदोलन
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:16 AM IST
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दुद्धी। तहसील क्षेत्र के किसान मित्रों की बैठक महावीर सरवस्ती शिशु मंदिर में सोमवार को हुई। इसमें अब तक किसान मित्रों की बहाली न किये जाने पर असंतोष जाहिर किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को 16 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया है। यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया जाता, किसान मित्रों की बहाली नहीं की जाती तो आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में मुख्य अतिथि लक्ष्मण बालयोगी ने कहा कि किसान मित्र कृषि विभाग की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते थे, जिससे सरकार की योजनाएं किसान के खेत के मेढ़ तक आसानी से पहुंचती थे। कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी हुई थी, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने किसान मित्र योजना 2010 में स्थगित कर दिया। उन्होंने भाजपा सरकार से किसान मित्र योजना को बहाल करने की उम्मीद जताई। जिलाध्यक्ष शंभूनाथ व तहसील संयोजक जगतनारायण ने कहा कि 1998 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने प्रदेश में किसान मित्र योजना शुरू की थी। किसान मित्रों ने करीब 12 वर्ष कार्य किया। बसपा सरकार आने पर 31 मार्च 2010 को किसान मित्रों की सेवा समाप्त कर दी गई। अब किसान मित्र बदहाल हैं। उन्होंने किसान मित्रों की जल्द बहाली की मांग की। बैठक में जगतनारायण यादव, गुलाब चंद गुप्ता, संत कुमार यादव, सुरेंद्र, वीरेंद्र, प्रियंका मौर्या, मालती यादव, प्रेमचंद्र, सुरेंद्र प्रकाश, रामनारायण, लालदेव, राजबली के साथ सैकड़ो किसान मित्र मौजूद रहे।
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बैठक में मुख्य अतिथि लक्ष्मण बालयोगी ने कहा कि किसान मित्र कृषि विभाग की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते थे, जिससे सरकार की योजनाएं किसान के खेत के मेढ़ तक आसानी से पहुंचती थे। कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी हुई थी, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने किसान मित्र योजना 2010 में स्थगित कर दिया। उन्होंने भाजपा सरकार से किसान मित्र योजना को बहाल करने की उम्मीद जताई। जिलाध्यक्ष शंभूनाथ व तहसील संयोजक जगतनारायण ने कहा कि 1998 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने प्रदेश में किसान मित्र योजना शुरू की थी। किसान मित्रों ने करीब 12 वर्ष कार्य किया। बसपा सरकार आने पर 31 मार्च 2010 को किसान मित्रों की सेवा समाप्त कर दी गई। अब किसान मित्र बदहाल हैं। उन्होंने किसान मित्रों की जल्द बहाली की मांग की। बैठक में जगतनारायण यादव, गुलाब चंद गुप्ता, संत कुमार यादव, सुरेंद्र, वीरेंद्र, प्रियंका मौर्या, मालती यादव, प्रेमचंद्र, सुरेंद्र प्रकाश, रामनारायण, लालदेव, राजबली के साथ सैकड़ो किसान मित्र मौजूद रहे।
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