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भारतीय अस्मिता के प्रतीक है ,टैंगोर-डॉ.केडी राम
Updated Mon, 07 May 2018 11:16 PM IST
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सोनभद्र। संत कीनाराम सीनियर सेकंडरी पब्लिक स्कूल में सोमवार को गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि डा. केडी राम ने टैगोर को भारतीय अस्मिता का प्रतीक बताया। कहा कि शिक्षा ,साहित्य, समाज सेवा के क्ष्रेत्र में किसी से उनकी तुलना नहीं की जा सकती। उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर आगे बढने का प्रयास करना चाहिए।
केबीपीजी कालेज मिर्जापुर के पूर्व प्राचार्य डा. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि रविंद्रनाथ टैगोर बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्हें बचपन से ही कुश्ती, चित्रकारी, व्यायाम, विज्ञान, कविता, संगीत के साथ समाज सेवा का नशा था। प्राचार्य डॉ.गोपाल सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही के रुप में रविंद्र नाथ टैगोर का योगदान उल्लेखनीय है। कालजयी कृतियों के कारण वह अभी भी जीवित है। एकला चलो रे... का मूल मंत्र उन्होने न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व को दिया। इस मौके पर अंकित सिंह, योगेश सिंह, विनय मिरा, मनोज श्रीवास्तव, हरीश सिंह, उपस्थित रहे।
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केबीपीजी कालेज मिर्जापुर के पूर्व प्राचार्य डा. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि रविंद्रनाथ टैगोर बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्हें बचपन से ही कुश्ती, चित्रकारी, व्यायाम, विज्ञान, कविता, संगीत के साथ समाज सेवा का नशा था। प्राचार्य डॉ.गोपाल सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही के रुप में रविंद्र नाथ टैगोर का योगदान उल्लेखनीय है। कालजयी कृतियों के कारण वह अभी भी जीवित है। एकला चलो रे... का मूल मंत्र उन्होने न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व को दिया। इस मौके पर अंकित सिंह, योगेश सिंह, विनय मिरा, मनोज श्रीवास्तव, हरीश सिंह, उपस्थित रहे।
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