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पूतना वध की लीला देख दर्शक हुए भाव विभोर
Updated Thu, 01 Feb 2018 12:09 AM IST
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कस्बे में चल रही रासलीला के तीसरे दिन मंगलवार की शाम वृंदावन से आये कलाकारों ने ब्रज भाषा की मधुर वाणी से दर्शकों का मन मोह लिया। राधा-कृष्ण की मनोरम झांकी दर्शन एवं मोर भगवान के मनमोहक नृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। रासलीला में पूतना वध की लीला देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
मथुरा नरेश राजा कंस ने अपने बहन पूतना को अपने काल रूपी बालक को समाप्त करने का आदेश दिया। जब पूतना का वध हो गया तो व्याकुल कंस ने अपने सेनापति एवं सिपाहियों से भगवान कृष्ण को मारने का आदेश सुनाया। उधर गोकुल में नन्द के आनन्द रूपी बाके बिहारी के जन्म को लेकर बधाई का तांता लगा रहा। हाथी, घोड़ा, पालकी जय कन्हैया लाल की के नारों से समूचा पांडाल गूंज उठा। वृंदावन से पधारे व्यास स्वामी दाऊदयाल उपाध्याय ने गोविंद जय जय गोपाल जय जय, राधा रमण हरि गोविंद जय जय भजन जैसे ही सुनाया पूरा पांडाल भक्ति के रस में सरोबोर हो गया। यज्ञाचार्य पंडित हरिराम मिश्र ने यज्ञ की महत्ता के बारे में विस्तार से बताया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बुधवार को यज्ञ मंडप की परिक्रमा की। अरुण सिंह पटेल ने भगवान बाके बिहारी की आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राजकुमार केसरी, माला चौबे, सुनील श्रीवास्तव, रामनरायन सिंह पटेल, सन्तोष, अजीत कुशवाहा, कंचन केसरी आदि मौजूद रही।
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मथुरा नरेश राजा कंस ने अपने बहन पूतना को अपने काल रूपी बालक को समाप्त करने का आदेश दिया। जब पूतना का वध हो गया तो व्याकुल कंस ने अपने सेनापति एवं सिपाहियों से भगवान कृष्ण को मारने का आदेश सुनाया। उधर गोकुल में नन्द के आनन्द रूपी बाके बिहारी के जन्म को लेकर बधाई का तांता लगा रहा। हाथी, घोड़ा, पालकी जय कन्हैया लाल की के नारों से समूचा पांडाल गूंज उठा। वृंदावन से पधारे व्यास स्वामी दाऊदयाल उपाध्याय ने गोविंद जय जय गोपाल जय जय, राधा रमण हरि गोविंद जय जय भजन जैसे ही सुनाया पूरा पांडाल भक्ति के रस में सरोबोर हो गया। यज्ञाचार्य पंडित हरिराम मिश्र ने यज्ञ की महत्ता के बारे में विस्तार से बताया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बुधवार को यज्ञ मंडप की परिक्रमा की। अरुण सिंह पटेल ने भगवान बाके बिहारी की आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राजकुमार केसरी, माला चौबे, सुनील श्रीवास्तव, रामनरायन सिंह पटेल, सन्तोष, अजीत कुशवाहा, कंचन केसरी आदि मौजूद रही।
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