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शिक्षा के प्रति जागरूक हो आदिवासी समाज
Updated Thu, 05 Oct 2017 10:59 PM IST
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दुद्धी। क्षेत्र के मलदेवा गांव के शहीद स्मारक स्थल पर गुरुवार को आदिवासी वीरांगना महारानी दुर्गावती की जयंती धूमधाम से मनाई गई। यहां 52 गढ़ के देवताओं का आह्वान कर सात कलश की पूजा, बड़ा देव पूजन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य मान सिंह गौड़ एवं विशिष्ट अतिथि शंभू सिंह गौर, अनुसूचित जाति के जिलाध्यक्ष एवं एवं गोडवाना महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अशर्फी सिंह परस्ते रहे। मुख्य धर्माचार्य सुखमी पोयम, रामनाथ मरकाम ने सबसे पहले दुर्गावती के चित्र पर टिका लगाकर पुष्पांजलि अर्पित किया। इस दौरान मान सिंह गौड़ ने कहा कि आप लोगों को जागने की एवं शिक्षा को बढ़ावा देने की अति आवश्यकता है, तभी हमारा समाज आगे बढ़ेगा। शंभू सिंह ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए हर तरह से संघर्ष करने की जरूरत है। मुख्यधारा में समाज को लाने के लिए प्रयास करना होगा।
अशर्फी सिंह परस्ते ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के साथ ही आदिवासियों को जल जंगल जमीन पर अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष की जरूरत है। संयोजक फौदार सिंह परस्ते ने कहा कि समाज के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। चंद्रिका प्रसाद, रामशरण, अनिल सिंह, राम लखन, दरोगा, भुवनेश्वर देवगन ने आदिवासी गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद, रामफल, सुरेंद्र पयाम, पार्वती देवी, सोनी देवी, बजरंगी प्रसाद, मोती सिंह, मिश्रीलाल, भोला, सुरेश, हीरालाल, एजी सिंह, मानसिंह, चिंतामणि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य मान सिंह गौड़ एवं विशिष्ट अतिथि शंभू सिंह गौर, अनुसूचित जाति के जिलाध्यक्ष एवं एवं गोडवाना महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अशर्फी सिंह परस्ते रहे। मुख्य धर्माचार्य सुखमी पोयम, रामनाथ मरकाम ने सबसे पहले दुर्गावती के चित्र पर टिका लगाकर पुष्पांजलि अर्पित किया। इस दौरान मान सिंह गौड़ ने कहा कि आप लोगों को जागने की एवं शिक्षा को बढ़ावा देने की अति आवश्यकता है, तभी हमारा समाज आगे बढ़ेगा। शंभू सिंह ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए हर तरह से संघर्ष करने की जरूरत है। मुख्यधारा में समाज को लाने के लिए प्रयास करना होगा।
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अशर्फी सिंह परस्ते ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के साथ ही आदिवासियों को जल जंगल जमीन पर अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष की जरूरत है। संयोजक फौदार सिंह परस्ते ने कहा कि समाज के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। चंद्रिका प्रसाद, रामशरण, अनिल सिंह, राम लखन, दरोगा, भुवनेश्वर देवगन ने आदिवासी गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद, रामफल, सुरेंद्र पयाम, पार्वती देवी, सोनी देवी, बजरंगी प्रसाद, मोती सिंह, मिश्रीलाल, भोला, सुरेश, हीरालाल, एजी सिंह, मानसिंह, चिंतामणि मौजूद रहे।
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