{"_id":"67daf67fd52ec8365b0d3f82","slug":"20-years-imprisonment-for-raping-a-teenager-who-had-gone-to-graze-cattle-in-the-forest-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-125779-2025-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: जंगल में पशु चराने गई किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: जंगल में पशु चराने गई किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को जंगल में पशु चराने गई किशोरी से दुष्कर्म के साढ़े सात साल पुराने मामले में दोषी को 20 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक अनपरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी (16) ने 29 अगस्त 2017 को अनपरा थाने में तहरीर देकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
बताया कि वह 15 अगस्त 2017 को करीब एक बजे मठहिया नार जंगल के पास पशु चराने गई थी। वहां पीछे से आकर मिर्चाधुरी टोला मोटकाखेर निवासी बलवंत कोल ने उसे पकड़ लिया और एक गड्ढे में ले जाकर दुष्कर्म किया। किशोरी के चीखने पर उसके परिवार के लोग पहुंचे तो दोषी मौके से भा गया गया। उसके घर के लोग लोक लाज की वजह से शांत थे लेकिन बलवंत कोल घर आकर बार-बार थाने पर सूचना न देने के लिए धमकी दे रहा था। विवश होकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर बलवंत कोल को दोषी पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के मुताबिक अनपरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी (16) ने 29 अगस्त 2017 को अनपरा थाने में तहरीर देकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
बताया कि वह 15 अगस्त 2017 को करीब एक बजे मठहिया नार जंगल के पास पशु चराने गई थी। वहां पीछे से आकर मिर्चाधुरी टोला मोटकाखेर निवासी बलवंत कोल ने उसे पकड़ लिया और एक गड्ढे में ले जाकर दुष्कर्म किया। किशोरी के चीखने पर उसके परिवार के लोग पहुंचे तो दोषी मौके से भा गया गया। उसके घर के लोग लोक लाज की वजह से शांत थे लेकिन बलवंत कोल घर आकर बार-बार थाने पर सूचना न देने के लिए धमकी दे रहा था। विवश होकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर बलवंत कोल को दोषी पाया।
विज्ञापन