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स्टेट हाइवे पर लगने वाला साप्ताहिक बाजार दे रहा दुर्घटना को दावत
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:40 PM IST
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अनपरा। वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाइवे पर गुरुवार को औड़ी में लगने वाला साप्ताहिक बाजार जाम का कारण बनने से नागरिको को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। साप्ताहिक बाजार की दुकानें पटरियां विलुप्त होने से सड़क पर लगती है जिससे कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है।
अनपरा और औड़ी निवासियों का कहना है कि गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार को औड़ी मोड़ स्टेट हाइवे से हटाकर आासपास कहीं और लगाया जाये नहीं तो जाम के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हाइवे होने के कारण विद्युत परियोजनाओं को कोल परिवहन करने वाले सैकड़ों वाहनों सहित आने जाने का मुख्य मार्ग है जिससे लोगों को घंटो जाम में फंसना पड़ता है। दोनों तरफ से बड़े वाहन आने से बाजार में जाम लगना स्वभाविक है। मुख्य मार्ग पर लगने वाले इस साप्ताहिक बाजार की दुकानें पटरियों के विलुप्त होने से सड़कों पर ही लगायी जाती है जिससे दोनों तरफ बहुत ही कम जगह बचती है। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र होने के बाद भी शासन-प्रशासन द्वारा बाजार को स्थानांतरित करने में कोई रूचि नहीं ली जा रही है। विगत एक वर्ष पूर्व औड़ी के निवासियों ने बाजार को दुराशनी मंदिर के पास स्थानांतरित करने की मांग की थी परन्तु संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बाजार को स्थानांतरित करने की मांग की है।
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अनपरा और औड़ी निवासियों का कहना है कि गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार को औड़ी मोड़ स्टेट हाइवे से हटाकर आासपास कहीं और लगाया जाये नहीं तो जाम के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हाइवे होने के कारण विद्युत परियोजनाओं को कोल परिवहन करने वाले सैकड़ों वाहनों सहित आने जाने का मुख्य मार्ग है जिससे लोगों को घंटो जाम में फंसना पड़ता है। दोनों तरफ से बड़े वाहन आने से बाजार में जाम लगना स्वभाविक है। मुख्य मार्ग पर लगने वाले इस साप्ताहिक बाजार की दुकानें पटरियों के विलुप्त होने से सड़कों पर ही लगायी जाती है जिससे दोनों तरफ बहुत ही कम जगह बचती है। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र होने के बाद भी शासन-प्रशासन द्वारा बाजार को स्थानांतरित करने में कोई रूचि नहीं ली जा रही है। विगत एक वर्ष पूर्व औड़ी के निवासियों ने बाजार को दुराशनी मंदिर के पास स्थानांतरित करने की मांग की थी परन्तु संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बाजार को स्थानांतरित करने की मांग की है।
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