{"_id":"5bc0e9adbdec2269960ba6d7","slug":"191539369389-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैविक खाद से खेती करने के लिए किया प्रोत्साहित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जैविक खाद से खेती करने के लिए किया प्रोत्साहित
Updated Sat, 13 Oct 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज ब्लॉक में प्रमोशनल ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फार इन-सीटें मैनेजमेंट ऑफ क्राप रेजीड्यू योजनांतर्गत कृषि यंत्रों का प्रशिक्षण, प्रदर्शन और गोष्ठी शुक्रवार को हुई। इसमें कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों ने धान की कटाई आदि के बारे में जानकारी दी। फसल अवशेष जलाने से हो रहे दुष्प्रभाव और मानव जीवन पर पड़ रहे प्रभाव पर भी चर्चा हुई। किसानों को जैविक खाद से खेती करने के बारे में प्रोत्साहित किया गया।
मुख्य अतिथि सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाने से मृदा में उपस्थित कार्बनिक जीवाश्म, उर्वरा शक्ति, लाभप्रद जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। फसल अवशेष के जलाने से वायु मंडल भी दूषित हो रहा है जिसके कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो जा रहे है। उन्होंने किसानों से खेतों में फसल अवशेष न जलाने की अपील की। उपकृषि निदेशक डीके गुप्ता ने कहा कि कृषक भाई खेतों में अवशेष न जलाए, बल्कि उन्हें खेत में पलट कर खाद के रूप मं प्रयोग करें। खेतों में फसल अवशेष जलाने पर प्रति घटना किसानों को अर्थदंड देने का प्रावधान किया गया है। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने कहा कि कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान का लाभ प्राप्त करने हेतु किसानों को पंजीकरण करना होगा। जनपदीय भूमि प्रशिक्षण प्रयोगशाला के डॉ. पंकज मिश्रा ने भी फसल अवशेष जलने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक बाबूलाल मौर्य, डॉ. जेएन तिवारी, सहायक विकास अधिकारी ओमकार नाथ राय, तेजबली, अमरेश, राकेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाने से मृदा में उपस्थित कार्बनिक जीवाश्म, उर्वरा शक्ति, लाभप्रद जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। फसल अवशेष के जलाने से वायु मंडल भी दूषित हो रहा है जिसके कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो जा रहे है। उन्होंने किसानों से खेतों में फसल अवशेष न जलाने की अपील की। उपकृषि निदेशक डीके गुप्ता ने कहा कि कृषक भाई खेतों में अवशेष न जलाए, बल्कि उन्हें खेत में पलट कर खाद के रूप मं प्रयोग करें। खेतों में फसल अवशेष जलाने पर प्रति घटना किसानों को अर्थदंड देने का प्रावधान किया गया है। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने कहा कि कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान का लाभ प्राप्त करने हेतु किसानों को पंजीकरण करना होगा। जनपदीय भूमि प्रशिक्षण प्रयोगशाला के डॉ. पंकज मिश्रा ने भी फसल अवशेष जलने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक बाबूलाल मौर्य, डॉ. जेएन तिवारी, सहायक विकास अधिकारी ओमकार नाथ राय, तेजबली, अमरेश, राकेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन