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चोरी के कोयले से संचालित हो रहे आधा दर्जन ईंट भट्ठे
Updated Wed, 30 May 2018 11:16 PM IST
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भाठ व आसपास के क्षेत्रों में संचालित हो रहे आधा दर्जन से अधिक ईंट भट्ठे चोरी के कोयले से चल रहे हैं। कोल खदानों से निकलने वाले कोयले को पिकअप व ट्रकों से रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से इन भट्ठों पर पहुंचाया जा रहा है।
ककरी, कृष्णशिला, बीना, खडिय़ा आदि कोल परियोजनाओं से प्रतिदिन हजारों टन कोयला चोरी किया जाता है। जिसे आसपास के ईंट भट्ठों सहित बनारस की चंदासी मंडी में सप्लाई किया जाता है। ऊर्जांचल के आधा दर्जन से अधिक ईंठ भट्ठे चोरी के कोयले पर आधारित हैं। रात के अंधेरे में पिकअप व ट्रकों से ईंठ भट्ठों पर कोयला पहुंचाया जाता है। रणहोर ग्राम सभा में स्थित एक ईंट भट्ठों पर प्रतिदिन चार से पांच टन कोयला रात में पिकअप से बांसी व बीना से ईंट भट्ठे पर ले जाया जाता है। यही हाल बिछड़ी, पिपरी, कौव्वानाला सहित अन्य क्षेत्रों में स्थापित ईंठ भट्ठे का है, जहां चोरी के कोयले से ईंट को जलाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऊर्जांचल में कोयला व कबाड़ परियोजनाओं को दीमक की तरह चट कर रहा है। इस अवैध कारोबार पर रोकथाम लगाने की सभी कार्रवाई सिर्फ कोरम पूरा करने तक साबित रही है। संबंधितों की उदासीनता के कारण उक्त कारोबार दिन-प्रतिदिन फल-फूल रहा है।वहीं पिपरी सीओ राहुल मिश्रा ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। जानकारी हो गई है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। कोयला खपत व परिवहन का कागजात चेक किया जाएगा। यदि चोरी का मामला सामने आया तो ईंट भट्ठे का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही विधिक कार्रवाई की संस्तुति संबंधित उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
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ककरी, कृष्णशिला, बीना, खडिय़ा आदि कोल परियोजनाओं से प्रतिदिन हजारों टन कोयला चोरी किया जाता है। जिसे आसपास के ईंट भट्ठों सहित बनारस की चंदासी मंडी में सप्लाई किया जाता है। ऊर्जांचल के आधा दर्जन से अधिक ईंठ भट्ठे चोरी के कोयले पर आधारित हैं। रात के अंधेरे में पिकअप व ट्रकों से ईंठ भट्ठों पर कोयला पहुंचाया जाता है। रणहोर ग्राम सभा में स्थित एक ईंट भट्ठों पर प्रतिदिन चार से पांच टन कोयला रात में पिकअप से बांसी व बीना से ईंट भट्ठे पर ले जाया जाता है। यही हाल बिछड़ी, पिपरी, कौव्वानाला सहित अन्य क्षेत्रों में स्थापित ईंठ भट्ठे का है, जहां चोरी के कोयले से ईंट को जलाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऊर्जांचल में कोयला व कबाड़ परियोजनाओं को दीमक की तरह चट कर रहा है। इस अवैध कारोबार पर रोकथाम लगाने की सभी कार्रवाई सिर्फ कोरम पूरा करने तक साबित रही है। संबंधितों की उदासीनता के कारण उक्त कारोबार दिन-प्रतिदिन फल-फूल रहा है।वहीं पिपरी सीओ राहुल मिश्रा ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। जानकारी हो गई है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। कोयला खपत व परिवहन का कागजात चेक किया जाएगा। यदि चोरी का मामला सामने आया तो ईंट भट्ठे का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही विधिक कार्रवाई की संस्तुति संबंधित उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
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